सोमवार को बंदरों का उत्पात इतना बढ़ गया कि उन्होंने सरस्वती शिशु मंदिर पौखाल की छत पर लगी चद्दरों को तोड़ डाला। बंदरों के आतंक से बच्चे सहम उठे।
विद्यालय के प्रधानाचार्य शिव प्रसाद उनियाल ने बताया कि बंदरों के डर से बच्चे स्कूल आने में कतरा रहे हैं। विद्यालय परिसर में बंदरों के बच्चों को काटने का खतरा बना हुआ है।
स्थानीय नागरिक विनय चंदोला, कुलदीप नेगी, हरीश कुकरेती ने बताया कि बंदर दुकानों और घरों में रखा खाने का सामान चट कर जा रहे हैं, साथ ही तोड़फोड़ कर रहे हैं। विभाग को बंदरों को भगाने के लिए लिखित और मौखिक शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
उन्होंने बंदरों को क्षेत्र से नहीं भगाने पर डीएफओ के घेराव की चेतावनी दी। उधर, लैंसडौन वन प्रभाग की कोटद्वार रेंज अधिकारी एसपी कंडवाल ने कहा कि मौका मुआयना कर क्षेत्र से बंदरों को भगाया जाएगा। ब्यूरो