त्योहारों का सीजन शुरू हो चुका है। दीवाली नजदीक है, ऐसे में क्षेत्र में बिकने वाली मिठाइयों और खाद्य सामग्रियों में बड़ी मात्रा में मिलावट की आशंका बनी है। नकली सामान पर अंकुश लगाने का जिम्मा संभाले खाद्य सुरक्षा विभाग के पास जिले में टेस्टिंग लैब की कोई व्यवस्था नहीं है। स्थिति यह है कि गत वर्ष दीवाली से पहले लिए गए सैंपलों की रिपोर्ट आज तक नहीं आई है। ऐसे में लोगों को खुद ही अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना होगा।
दीवाली पर्व पर उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से भारी तादाद में मावा, दूध और मिठाइयां कोटद्वार और निकटवर्ती क्षेत्र में सप्लाई होती हैं। इस पर रोकटोक नहीं होने के कारण इसमें मिलावट की अधिक संभावना बनी रहती है। यूपी की सीमा से सटा होने के कारण पौड़ी जिले में कोटद्वार और निकटवर्ती पर्वतीय क्षेत्र सबसे अधिक संवेदनशील है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिल मिश्रा ने बताया कि जिले में मिलावटी सामान की जांच करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग के पास टेस्टिंग लैब नहीं है। ऐसे में विभाग को सैंपल की जांच कराने के लिए रुद्रपुर स्थित लैब में भेजना पड़ता है। पिछले वर्ष दीवाली में बिजनौर से आए मावा और मिठाइयों की सैंपलिंग की गई थी, जिसकी रिपोर्ट आज तक नहीं मिली है।
कोट
त्योहारों में मिलावटी खाद्य पदार्थों की रोकथाम के लिए सचल दल बनाया गया है। संबंधित विभागों को नकली सामान पाए जाने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। - योगेश मेहरा, एसडीएम कोटद्वार।