हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों के साथ सबदरखाल क्षेत्र से लगातार 24वें साल कांवड़ यात्रा नीलकंठ के लिए रवाना हुई। कांवड़ यात्री प्राचीन बदरीनाथ-केदारनाथ पैदल मार्ग से नीलकंठ महादेव तक की 100 किमी लंबी पदयात्रा करेंगे। शुक्रवार को विकास खंड कोट के सबदरखाल के कोटा, बकरोडा, कुंडी, नौगांव पली और रानकोट गांव के कांवड़ यात्री रामकुंड पहुंचे।
यहां उन्होंने कांवड में गंगाजल भरा और भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए नीलकंठ की ओर प्रस्थान किया। पद यात्री व्यास चट्टी, नंदगांव और बंदरचट्टी होते हुए नीलकंठ पहुंचेंगे। यात्रा में लक्ष्मण सिंह बुटोला, गोपी देशवाल, सुनील, अरविंद चौहान, चंद्रमा देवी, कमला देवी, पार्वती देवी, पंकज पंचभैया और शोभी चौहान समेत 60 कांवड यात्री शामिल हैं।
यात्रा संयोजक लक्ष्मण सिंह, गोपी और चंद्रप्रकाश भट्ट ने बताया कि वे पिछले 24 वर्षों से कांवड़ यात्रा निकाल रहे हैं। सोमवार को यात्रा नीलकंठ पहुंच कर भगवान शिव को देवप्रयाग का गंगाजल अर्पित करेगी। देवप्रयाग में ही भागीरथी का अलकनंदा से संगम होता है। यहीं से गंगा नाम होता है। इसलिए देवप्रयाग संगम के गंगा जल का विशेष महत्व है।