रीठाखाल के पास मंगलवार को हुई बस दुर्घटना की एसडीएम लैंसडौन अपर्णा ढौंडियाल ने मजिस्ट्रीयल जांच शुरू कर दी है। उनकी अगुवाई में राजस्व पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बुधवार को घटनास्थल, समीपवर्ती गांवों के लोगों और हंस अस्पताल में भर्ती घायलों के बयान दर्ज किए। जांच के बाद ही मृतक आश्रितों और घायलों को सरकार की ओर से सहायता राशि दी जाएगी। उधर कोटद्वार के बेस अस्पताल में भर्ती आठ घायलों में से तीन और लोगों को हायर सेंटर रेफर किया गया है।
एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल ने बताया कि बुधवार को प्रभारी तहसीलदार पीतांबर सिंह रावत और राजस्व उपनिरीक्षक डबल सिंह रावत के साथ अस्पताल पहुंचकर घायलों के बयान लिए। घायलों या मृतकों के परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। यदि किसी की ओर से कोई तहरीर नहीं मिलती है, तब दुर्घटनास्थल वाले गांव के प्रधान की सूचना पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। बस का परिचालक भी अस्पताल में भर्ती है। उस पर निगरानी रखी जा रही है। जांच के बाद हादसे के मृतकों और घायलों की सूची भी जिला प्रशासन को भेज दी है। उधर बस हादसे के बेस अस्पताल में भर्ती आठ घायलों में से तीन घायलों सावरा (शाखा) देवी पत्नी तिमकालाल निवासी ईड़ा तल्ला एकेश्वर, आशा देवी पत्नी सोहनलाल निवासी बेलपानी डंडातल्ला और आरती देवी पुत्री सोहनलाल निवासी बेलपानी एकेश्वर को हायर सेंटर रेफर किया गया है।
लोनिवि और परिवहन विभाग ने भी शुरू की जांच
कोटद्वार/सतपुली। बस हादसे की लोनिवि और परिवहन विभाग ने भी जांच शुरू कर दी गई। लोनिवि पाबौ के अधिशासी अभियंता प्रत्यूष कुमार का कहना है कि दुर्घटनास्थल पर सड़क सात मीटर चौड़ी और पक्की सड़क है। लोगों ने हादसे के लिए चालक और परिचालक के बीच के विवाद को जिम्मेदार ठहराया है।
कोटद्वार के एआरटीओ आरएस कटारिया ने बताया कि संभागीय निरीक्षक प्राविधिक प्रदीप रौथाण की अगुवाई में विभागीय टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। लोगों और घायलों से हुई बातचीत में दुर्घटना का कारण चालक और परिचालक के नशे में होने और चलती गाड़ी में झगड़ने को बताया गया है।