विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय कस्याली का नाम आदर्श विद्यालय की सूची में शामिल न होने पर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने रोष जताते हुए बीईओ को ज्ञापन भेजा है। कस्याली के ग्राम प्रधान अनिल नेगी ने कहा कि पहले उनके विद्यालय का नाम आदर्श विद्यालय की सूची में रखा गया था, बाद में कस्याली की जगह प्राथमिक विद्यालय बडोली का नाम सूची में शामिल कर लिया गया। कहा कि खंड कार्यालय की ओर से कस्याली को मानकों पर खरा बताते हुए इसे संवारने के निर्देश भी मिल चुके थे, लेकिन ऐन वक्त पर इसे दरकिनार कर दिया गया, जिससे ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है।
ग्रामीणों ने कहा कि यमकेश्वर ब्लॉक में खंड शिक्षा अधिकारी की ओर से भेजी गई सूची में प्राथमिक विद्यालय कस्याली, प्राथमिक विद्यालय गंगाभोगपुर, उच्च माध्यमिक विद्यालय बिथ्याणी, जीआईसी भृगुखाल और जीआईसी दीउली का नाम शामिल था लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से जो सूची भेजी गई है उसमें कस्याली के स्थान पर प्राथमिक विद्यालय बडोली और जीआईसी दिउली के स्थान पर जीआईसी लक्ष्मणझूला का नाम शामिल किया गया है। आदर्श विद्यालयों के लिए जिन मानकों को रखा जाता है उनमें छात्र संख्या, विद्यालय के पास पर्याप्त भूमि, निकट भविष्य में छात्र संख्या बढ़ने की संभावनाएं और पर्याप्त स्टाफ का होना प्रमुख है। विद्यालयों का चयन प्रोफाइल के आधार पर किया जाता है।
उधर, खंड शिक्षा अधिकारी कुंदन सिंह का कहना है कि प्राथमिक विद्यालय कस्याली हमारे प्रपोजल में था। हमसे 5-5 विद्यालयों के प्रस्ताव मांगे गए थे। सरकार की प्राथमिकता में पहले पिछडे़े क्षेत्रों के विद्यालयों को इस सूची में शामिल करना है। इसके बाद सुगम क्षेत्र के विद्यालयों को लिया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी केएस रावत का कहना है कि अभी प्राथमिक विद्यालय बडोली को शामिल किया गया है, बाद में कस्याली को भी शामिल कर लिया जाएगा।