20 से 25 दुकानदारों की आजीविका होगी प्रभावित
कोटद्वार। रेलवे स्टेशन के प्रवेश द्वार एवं निकासी द्वार खोलने के प्रयास तेज हो गए हैं। रेलवे गेट के आड़े आ रहीं दुकानों पर लाल निशान लगा दिए गए हैं। वहीं, दुकानदार पिछले कई दशकों से दुकानें स्थापित होने की बात कहकर दुकानों को यथावत रखने की मांग कर रहे हैं।
कोटद्वार रेलवे स्टेशन के बाहरी हिस्से में प्रवेश एवं निकास द्वार बनाए जा चुके हैं लेकिन इन द्वारों को खोला नहीं जा सका है। दरअसल रेलवे स्टेशन के बाहर सड़क किनारे स्थित दुकानें दोनों ही द्वार के ठीक सामने बनी है। दुकानों को हटाने के लिए पिछले एक वर्ष से रेलवे प्रयासरत है। गत माह रेलवे के अलावा राजस्व विभाग, नगर निगम, लोनिवि व सिंचाई खंड के अधिकारियों ने संयुक्त सर्वे कर दुकानों की भूमि के स्वामित्व के संबंध में पड़ताल की थी।
अब रेलवे के प्रवेश एवं निकास द्वार के सामने बनीं खोखानुमा दुकानों को हटाने के लिए उन पर लाल निशान लगा दिए गए हैं। इससे माना जा रहा है कि अब जल्दी ही इन दुकानों को हटाया जाना है। इससे संबंधित दुकानदारों के अलावा रेलवे स्टेशन के सामने बनीं अन्य खोखानुमा दुकानों के कारोबारियों की धड़कनें बढ़ गई है। प्रवेश द्वार एवं निकास द्वार के सामने 10 से 12 दुकानें आड़े आ रही है जबकि दोनों द्वारों के बीच रेलवे स्टेशन के सामने इससे ज्यादा दुकानें बनी हैं।