गदेरे में अचानक उफान आने से केटीआर (कालागढ़ टाइगर रिजर्व) के रेंजर की खड़ी कार बह गई। इसमें कार में सवार रेंजर घायल हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कार से बाहर खड़े परिजन बाल-बाल बच गए। इस दौरान कार में रखा सामान और नगदी बह गया।
शुक्रवार सुबह करीब सात बजे कोटद्वार से अपनी कार से रथुवाढाब के लिए निकले रेंज अधिकारी बृजबिहारी शर्मा की कार जैसे ही पांचवें किमी से आगे बढ़ी, रपटे पर पानी आने के कारण बंद हो गई। बंद कार को धक्का देने के लिए रेंजर के परिजन बाहर निकल गए। वे धक्का दे ही रहे थे कि पहाड़ी से अचानक गदेरा उफनाता हुए नीचे की ओर बढ़ा।
खतरा भांपते हुए परिजन दूर हट गए। इस दौरान रेंजर कार में ही बैठे रहे। तभी रपटे के उफान में कार नीचे गदेरे में समा गई। कार सवार रेंजर किसी तरह गाड़ी से छिटक गए। उन्हें काफी चोटें आई हैं। उन्हें पुलिस ने यहां राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया है।
75 हजार रुपये और बंदूक-पिस्टल बही
घायल रेंज अधिकारी ने बताया कि कार में उनका पचास हजार रुपये सरकारी धन, पच्चीस हजार रुपये उनके अपने, एक लाइसेंसी पिस्टल और दो सरकारी बंदूक थी, जो कार के साथ नदी में बह गई। मौके पर पहुंचे पुलिस क्षेत्राधिकारी बचन सिंह राणा ने बताया कि कार के अंदर से एक टूटी हुई दो नाली बंदूक बरामद की गई है।
परिवार सुरक्षित
रेंजर ने बताया कि वे अपने परिजनों संग ऋषिकेश अपने घर होते हुए रथुवाढाब जा रहे थे। कार में उनकी पत्नी राजलक्ष्मी, मां रामेश्वरी देवी और नौकर संतोष थे। सभी सकुशल हैं। गदेरे के उफान पर होने के कारण काफी देर तक जाम लग गया। पानी निकलने के बाद ही आवाजाही सुचारू हो सकी।