बृहस्पतिवार दिन में तेज आंधी के साथ हुई भीषण बारिश लोगों के लिए आफत बनकर बरसी। पर्वतीय क्षेत्रों में गदेरे उफान पर आ गए, भूस्खलन के चलते मलबा और पानी दुकानों में घुस गया। वहीं तेज तूफान से पेड़ आवासीय भवन के ऊपर जा गिरा। लोगों ने किसी प्रकार जान बचाई।
सतपुली की नयारघाटी में बृहस्पतिवार दोपहर हुई मूसलाधार बारिश राहत के साथ आफत भी लेकर आई। एक घंटे से अधिक समय तक हुयी मूसलाधार बारिश से जहां एक ओर ग्रामीणों को गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर बारिश का पानी कई दुकानों में घुसकर व्यापारियों के लिए मुसीबत का सबब बन गया। वहीं गदेरा एक बार फिर उफान पर आ गया। जिसमें पानी के साथ भारी मात्रा में आए मलबे से सतपुली-देवप्रयाग मार्ग यातायात के लिए एक घंटे से अधिक समय तक बाधित रहा। बारिश थमने पर पीडब्लूडी के श्रमिकों ने मलबे में लीक बनाकर यातायात को सुचारू किया। इस दौरान वहां दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी रही। वहीं, दोपहर दो बजे के आसपास कसबे में आंधी के साथ हुयी मूसलाधार बारिश से नालियां कई जगहों पर चोक हो गयी। जिसके कारण पानी सड़कों पर बहने लगा।
लैंसडौन में दुकानों के होर्डिंग्स गिर गए। एक मकान पर विशालकाय पेड़ गिरने से अफरा तफरी मच गई। लैंसडौन वन प्रभाग कोटद्वार की रेंज लैंसडौन के कार्यालय से जुड़े भवन पर पॉपुलर का पेड़ गिर पड़ा। बगल के रेंज कार्यालय में इस दौरान रेंज अधिकारी जेपीएस रावत भी अपने सहयोगियों के साथ मौजूद थे।