स्थायीकरण और वेतन भुगतान की मांग के लिए श्रीनगर जल विद्युत परियोजना के कर्मियों ने एक बार फिर मुख्य कार्यालय में ताले लगाकर कंपनी अधिकारियों समेत खुद को भी कैद कर लिया। कर्मचारियों का आरोप है कि अधिकारी हर बार झूठा आश्वासन देते हैं। अब ताला तभी खुलेगा, जब उनकी मांग पूरी होगी। इधर, परियोजना समन्वयक संतोष रेड्डी ने इस संबंध में पूछे जाने पर कहा कि कर्मचारियों से वार्ता चल रही है। उनकी मांगों पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
यहां बता दें कि परियोजना कंपनी की ओर से परियोजना प्रभावितों को अलग-अलग भर्ती के माध्यम से नियुक्त किया गया है। लगभग 458 कर्मचारी अस्थायी और 155 कर्मचारी वाउचर के आधार पर कायर्रत हैं। सभी कर्मचारी नियमितीकरण और समय पर वेतन भुगतान के लिए कई बार आंदोलन कर चुके हैं, लेकिन मांग पर कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारी भड़के हुए हैं।
सोमवार दोपहर बाद परियोजना समन्वयक संतोष रेड्डी दोपहर में कार्यालय पहुंचे। आक्रोशित कर्मचारियों ने सभी प्रवेश द्वारों पर अंदर से ताले लगा दिए। उनका कहना था कि कंपनी उन्हें गुमराह कर रही है। स्थानीय अधिकारी हर बार कंपनी निदेशक प्रसन्ना रेड्डी के आने की बात कहते हैं। उन्होंने कहा कि 458 कर्मचारियों को स्थायी कर्मचारियों की भांति वेतन मिल रहा है, लेकिन उनका नियमितीकरण नहीं किया जा रहा है। दूसरी ओर 155 कर्मचारियों की भूमि भी परियोजना में अधिग्रहीत की गई, उनको वाउचर के माध्यम से भुगतान होता है। उन्हें भी स्थायी किया जाए। उन्होंने बताया कि कुछ कर्मचारियों को दो और कुछ को एक माह से वेतन नहीं मिला है। इस दौरान बद्री पांडे, मुकेश राणा, प्रवीण, जगदंबा प्रसाद, विनोद राणा और हरि सिंह आदि मौजूद थे।