भाबर के झंडीचौड़ पूर्वी में शव को ले जाने के लिए रास्ता न खोलने पर ग्रामीणों ने जमकर हंगामा काटा और प्रदर्शन किया। मार्ग को लेकर एक परिवार व ग्रामीणों के बीच पहले से ही विवाद चला आ रहा है। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासन मौके पर पहुंचा और किसी तरह मामले को सुलझाते हुए शव के लिए रास्ता खुलवाया। तहसीलदार छवाण सिंह रावत ने कहा कि जांच होने तक उक्त परिवार का रास्ता आवाजाही के लिए खुला रहेगा। शांतिभंग करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
झंडीचौड़ पूर्वी गांव में एक रास्ते को लेकर एक परिवार व ग्रामीणों के बीच कई सालों से विवाद चल रहा है। उक्त परिवार के लोग जहां रास्ते को अपना बता रहे हैं, वहीं ग्रामीणों ने रास्ते को सार्वजनिक बताया है। आरोप है कि इस परिवार ने रास्ते को अपना बताते हुए इस पर तार-बाड़ भी कर दी है, जिससे रास्ते से गांव के अन्य लोग आवाजाही नहीं कर पा रहे हैं।
शुक्रवार को रास्ते का विवाद तब और बढ़ गया, जब एक ग्रामीणों ने शव लेे जाने के लिए एक परिवार द्वारा रास्ते को नहीं खोला गया। रास्ते को शव ले जाने के लिए भी न खोलने से ग्रामीण भड़क उठे। ग्रामीणों ने मौके पर जमकर हंगामा काटा। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मामले की जांच के आदेश देते हुए जांच पूरी होने तक रास्ते को आवाजाही के लिए खुला रखने के निर्देश दिए।
इस संबंध में तहसीलदार ने ग्राम प्रधान से लिखित में भी ले लिया गया। हंगामा करने वालों में उदय सिंह, मनोहर सिंह, कृपाल सिंह, वीरेंद्र सिंह, सुरेश सिंह, अमित नेगी, भूपेंद्र सिंह, राजपाल सिंह, गजेंद्र सिंह, राजे सिंह, भगत सिंह, किशन सिंह, गणेेशी देवी, गंगोत्री देवी, श्यामा देवी, शकुंतला देवी, विमला देवी, शांति देवी, मनोरमा देवी, लक्ष्मी देवी, गायत्री देवी, गुड्डी देवी आदि मौजूद रहे।