कोटद्वार के आईएचएमएस में आयोजित सीटीई कार्यशाला में बोलते डा. अमित जयसवाल।
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कालेज फॉर टीचर एजूकेशन (सीटीई) राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोटद्वार की ओर से सेवा पूर्व अध्यापकों के लिए आयोजित ई-लर्निंग कार्यशाला के अंतिम दिन प्रशिक्षु शिक्षकों को विभिन्न जानकारियां दी गई। आईएचएमएस, कोटद्वार में तीसरे दिन के प्रथम सत्र का शुभारंभ ब्लॉग बनाना, यू ट्यूब चैनल आयोजित करने के संबंध में जानकारी दी गई।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि एससीईआरटी, उत्तराखंड के अपर निदेशक अजय कुमार नौडियाल ने अपने संबोधन में कहा कि सेवा पूर्व शिक्षकों हेतु इस तरह की कार्यशाला आयोजित करना जरूरी है। भावी शिक्षक पहले से ही कुशल और प्रशिक्षित होंगे तो विद्यालयों में शिक्षण कार्य की गुणवत्ता बेहतर होगी और प्रशिक्षण संस्थानों पर प्रशिक्षण का बोझ कम होगा। विशिष्ठ अतिथि संयुक्त निदेशक प्रदीप रावत ने लगन से कार्य करने और शिक्षकों की गरिमा बनाए रखने पर बल दिया। आईएचएमएस के निदेशक कर्नल बीएस गुसाईं ने भावी शिक्षकों से कक्षा में अनुशासन स्थापित करने पर जोर दिया। प्रधानाचार्य डा. विमल कुमार ने इंटरनेट और ई- लर्निंग के व्यापक उपयोगिता पर प्रकाश डाला। इससे पूर्व प्रशिक्षकोें ने तीन अलग-अलग ग्रुपों में कंप्यूटर लैब में प्रशिक्षणार्थियों को ब्लॉग बनाना, यू ट्यूब चैनल पर अपनी आईडी बनाने का प्रयोगात्मक प्रशिक्षण दिया। इस मौके पर कार्यशाला में प्रतिभाग करने वाले प्रशिक्षु शिक्षकों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। कार्यशाला में डॉ रश्मि बहुखंडी, डा. अखिलेश राय, डा. हितेंद्र विश्नोई, डा. अनिल मान, आईएचएमएस के अनुराग सेमवाल, सुरेंद्र जगवान, अंकित राजपूत सहित 81 सेवा पूर्व शिक्षक उपस्थित रहे।