इको सेंसिटिव जोन में प्रस्तावित 31 गांवों में विरोध शुरू
राजाजी टाइगर रिजर्व की सीमा से सटे क्षेत्रों को शामिल करने के लिए जनसुनवाई आज
कांग्रेस छह सितंबर को यमकेश्वर तहसील में करेगी प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
यमकेश्वर। राजाजी टाइगर रिजर्व से सटे यमकेश्वर ब्लाक के 31 गांवों को इको सेंसेटिव जोन में शामिल किए जाने का इन गांवों में विरोध शुरू हो गया है। पूर्व विधायक शैलेंद्र सिंह रावत ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि स्वर्गाश्रम समेत यमकेश्वर के 31 गांवों को इको सेंसिटिव जोन में शामिल किया गया तो सरकार के खिलाफ हर गांव में आंदोलन छेड़ा जाएगा। बताया कि वन विभाग के अधिकारी इस मसले पर प्रभावित गांवों के लोगों को गुमराह कर रहे हैं। पहले जनसुनवाई की तिथि 31 अगस्त रखी गई थी। अब इसे बदलकर एक दिन पहले 30 अगस्त कर दिया गया है।
राजाजी टाइगर रिजर्व से सटे यमकेश्वर ब्लाक के 31 गांवों को इको सेंसेटिव जोन में शामिल करने के लिए 30 अगस्त को चौरासी कुटी स्वर्गाश्रम में सुबह 11 बजे से जनसुनवाई रखी गई है। पूर्व विधायक ने बताया कि निदेशक/वन संरक्षक राजाजी टाइगर रिजर्व देहरादून के 19 अगस्त, 2019 को जारी किए गए पत्र के माध्यम से राजाजी टाइगर रिजर्व की 10 किमी की परिधि वाले सभी गांवों को बिना सूचना के इको सेंसिटिव जोन घोषित होने का नोटिस दे दिया है। कहा कि राजाजी टाइगर रिजर्व के इको सेंसेटिव जोन में यमकेश्वर ब्लाक के सिमलडंडी, खैरगई, मौन, गुदानु, शंकराचार्य आश्रम, स्वर्गाश्रम, गोहरीघाट, जौंक, लक्ष्मणझूला, खरगोशा, भुवन कोठार, नीलकंठ, तोली, पुंडरासू, भादसी, मराल, सीमलखेत, रत्तापानी, करौंदी, मालाशेरा, सीरासू, कोटा, धौतिया, धुनारगांव, फुलचट्टी, पटना, हल्दोगी, चमनपुर, धमानंद और देवराणा को शामिल करना प्रस्तावित किया गया है। कहा कि कांग्रेस ग्रामवासियों के सहयोग से आगामी छह सितंबर को तहसील मुख्यालय यमकेश्वर में विरोध प्रदर्शन करेगी।