श्रीनगर। देवप्रयाग जन अधिकार मोर्चा के बैनर तले एसडीएम कार्यालय कीर्तिनगर पहुंचे मलेथा ग्राम के ग्रामीणों ने जिला स्तरीय प्राधिकरण टिहरी के कानून को मलेथा में लागू करने पर विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे गणेश भट्ट ने कहा कि रेलवे परियोजना शुरू होने से पूर्व ग्रामीणों को किसी भी जिला प्राधिकरण के कानून और धारा सात के लागू होने के विषय में नहीं बताया गया था। उन्होंने तत्काल प्राधिकरण के फ्रीज जोने के जीओ को निरस्तर करने की मांग की।
भट्ट ने कहा कि जब आज ग्रामीण अपने मकान, दुकान आदि के निर्माण कार्य कर रहे हैं तो उन्हें टिहरी जिला विकास प्राधिकरण की ओर से काम रुकवा कर नोटिस भेजे जा रहें है। कहा कि न तो वर्तमान में सुरंग में हुए विस्फोटों से हुए नुकसान के सापेक्ष मुआवजा दिया जा रहा है और न ही प्राधिकरण की ओर से मलेथा में रेलवे स्टेशन के 400 मीटर की दायरे में नए निर्माण कार्यों को करने दिया जा रहा है। क्षेत्रीय विधायक विनोद कंडारी को वर्ष 2024 में ही इस प्राधिकरण के लागू होने की जानकारी गई थी, लेकिन उनके द्वारा भी इस काले कानून को लागू होने से नहीं रोका गया। जिससे यह प्रतीत होता है कि भविष्य में रेलवे स्टेशन के पास स्थित भूमि पर बड़े-बड़े उद्योगपतियों को सरकार कब्ज़ा देना चाहती है। मोर्चा की बीना चौधरी व ग्रामीणों ने कहा कि भेजे गए नोटिस और मलेथा को फ्रीज जोन करने वाले जीओ को तत्काल निरस्त किया जाए। ग्रामीणों ने कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो उन्हें क्षेत्रीय विधायक और राज्य सरकार के विरुद्ध बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए विवश होना पड़ेगा। इस संदर्भ में ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी से भी वार्ता की और उन्हें ज्ञापन सौंपा। उप जिलाधिकारी नीलू चावला आश्वासन दिया कि मलेथा में भवनों को हुए नुकसान के संदर्भ में दुबारा से सर्वे कर प्रतिकार भुगतान करने पर विचार चल रहा है, जिसके विषय में शीघ्र ही ग्रामीणों को अवगत करा दिया जाएगा। इस मौके पर विजय रावत, रविन्द्र बिष्ट, अचल नेगी, जयवीर राणा, अनिल भट्ट, कल्पना बलूनी और रज्जन नेगी आदि शामिल रहे।