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Kotdwar News: शादी समारोहों के लिए पानी जुटाना हुआ मुश्किल

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श्रीनगर। कीर्तिनगर ब्लॉक के हिंसरियाखाल-पाटाखाल व अकरी पट्टी के 80 से अधिक गांवों में पेयजल की किल्लत बनी हुई है। इन क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति करा रही लक्षमोली-हडिमधार पेयजल योजना के इंटेक में अलकनंदा नदी में आई बाढ़ से गाद भर जाने से पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी हुई है। जिसके कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
लक्षमोली-हडिमधार पेयजल योजना बरसात के दौरान से करीब 20 दिनों से अधिक समय से बाधित हो गई है। योजना के इंटेक में बड़ी मात्रा में गाद भरे होने व इंटेक तक पहुंचने वाले एप्रोच ब्रिज के क्षतिग्रस्त होने से गाद को बाहर निकालने में जल संस्थान के लिए समस्या बनी हुई है। इस कारण क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति सुचारु नहीं हो पा रही है। जिससे लोगों को हैंडपंपों व अन्य दूर-दूर के स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। वैकल्पिक तौर पर जल संस्थान की ओर से गांवों में टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है, लेकिन इससे मवेशियों व शादी व अन्य समारोहों के लिए पानी जुटाना मुश्किल हो रहा है। दूसरी ओर पेयजल निगम की ओर से लक्षमोली-हडिमधार योजना के तहत दूसरे स्थान पर बन रहे इंटेक व एप्रोच ब्रिज का निर्माण पूर्ण न होने से यहां से पेयजल आपूर्ति कराने में अभी समय लगेगा।
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लक्षमोली-हडिमधार योजना के इंटेक में बड़ी मात्रा में अलकनंदा नदी में आई सिल्ट व गाद भरी हुई है। इसका एप्रोच ब्रिज भी क्षतिग्रस्त हो रखा है, जिससे सिल्ट व गाद निकालने के लिए इंटेक के अंदर तक मशीने पहुंचाने में परेशानी हो रही है। पहले एप्रोच ब्रिज को ठीक किया जा रहा है, उसके बाद सिल्ट निकालकर पेयजल आपूर्ति सुचारू की जाएगी, तब तक टैंकरों से आपूर्ति की जा रही है।
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नरेशपाल, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान देवप्रयाग।

लक्षमोली-हडिमधार पेयजल योजना के लिए दूसरा इंटेेक वेल, फिल्टर प्लांट व अन्य कार्य 90 प्रतिशत से अधिक पूरा हो गया है। इंटेक तक एप्रोच ब्रिज बनाया जाना है, जलस्तर कम होने पर इसका निर्माण किया जाएगा। साथ ही फिल्टर मीडिया बिछाने का काम भी जल्द कर दिया जाएगा। इन कार्यों के बाद बाद इसका उपयोग पेयजल आपूर्ति कराने में किया जा सकेगा।

डीआर बेलवाल, अधिशासी अभियंता, जल निगम, देवप्रयाग।
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