कोटद्वार में तैनात पुलिस आरक्षी चालक ने उसे इच्छा मृत्यु देने की मांग की है। शुक्रवार को पुलिस कर्मी ने तहसील प्रशासन के माध्यम से इस संबंध में राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किए हैं। इसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है।
पुलिस आरक्षी चालक ने एक महिला पर उसे ब्लैकमेल करने और उस पर झूठा मुकदमा दर्ज करने का आरोप लगाया है। ग्राम दाबकी थाना लक्सर निवासी पुलिस आरक्षी सज्जन सिंह पुत्र उदयराल सिंह ने ज्ञापन में कहा है कि उसकी पत्नी का देहांत वर्ष 2013 में हो गया था। पत्नी की मौत के बाद नौकरी करने के साथ ही अपने बेटे और बेटी की परवरिश खुद ही की। बच्चों को बेहतर भविष्य देने के लिए उन्होंने दूसरी शादी भी नहीं की।
सज्जन सिंह ने ज्ञापन में बताया कि परिचित एक महिला उनके बच्चों की देखभाल कर रही थी। महिला ने उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई थी। महिला ने साजिश रचते हुए उसके खिलाफ पोक्सो समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया। इसमें पीड़िता उसकी खुद की बेटी को ही बना दिया। मामला बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) में जाने पर उन्हें क्लीन चिट मिल गई लेकिन आरोपी महिला ने दोबारा मुकदमा दर्ज करा दिया। सज्जन सिंह ने मामले में कोतवाली पुलिस के कुछ कर्मियों पर साजिश में शामिल होने के आरोप भी लगाए हैं। कहा कि उक्त साजिश के कारण उसका और उसके बच्चों का काफी उत्पीड़न हो रहा है। ऐसे हालात में उसका जीवित रहना असंभव है।
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संबंधित पुलिस कर्मी के खिलाफ मुकदमा चल रहा है। इसकी जांच चल रही है। संबंधित कर्मी की ओर से उठाए गए तथ्यों की भी जांच कराई जाएगी। - शेखर सुयाल, एएसपी पौड़ी गढ़वाल।