शासन ने पेयजल समस्या के समाधान के लिए पंपिंग योजनाओं के प्रस्ताव को जल निगम को वापस भेजते हुए इनके प्रस्ताव की नयी नीति के अंतर्गत तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
इससे इन पंपिंग योजनाओं को शासन से स्वीकृति मिलने में लंबा समय लग सकता है।
उल्लेखनीय है कि पौड़ी-देवप्रयाग मोटर मार्ग में पड़ने वाले घुड़दौड़ी और सबधारखाल क्षेत्र लंबे समय से जल संकट से जूझ रहे हैं। गर्मी शुरू होते ही इन क्षेत्रों में पानी के लिए परेशानी शुरू हो जाती है।
इसको देेखते हुए जल निगम की ओर से दो साल पहले शासन को घुड़दौड़ी, सबधारखाल व कादेखाल पंपिग योजना प्रस्तावित की गई थी।
इनमें से कादेखाल की पंपिंग योजना 53 और घुड़दौडी पंपिग योजना करीब 54 गांवों की पेयजल समस्या के समाधान के लिए प्रस्तावित की गई थी। लंबे समय तक ये प्रस्ताव शासन की फाइलों में ही उलझा रहा।
इन्हें स्वीकृत करने की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। इस बीच शासन ने इन्हें स्वीकृति देने के बजाय इन योजनाओं के प्रस्तावों को जल निगम को वापस भेजते हुए इनके आगणन नयी नीति के अंतर्गत तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
जल निगम प्रकल्प शाखा के अधिशासी अभियंता एचपी पेटवाल ने बताया कि शासन निर्देशानुसार कई गांवों को इनसे हटाकर नया प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।