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शव ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं दी तो लोगों ने इमरजेंसी में काटा हंगामा

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राजकीय बेस अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर लोगों द्वारा की गई तोड़फोड़। - फोटो : KOTDWAR
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राजकीय बेस अस्पताल में रविवार देर रात शव को घर ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं दिए जाने पर कुछ लोगों ने अस्पताल की इमरजेंसी में जमकर हंगामा काटा। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों व कर्मियों के साथ गाली गलौच की और इमरजेंसी कक्ष के बाहर तोड़फोड़ की।
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अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार रात के करीब साढ़े दस बजे भाबर क्षेत्र के शिवराजपुर के लोग 108 की मदद से एक महिला को बेस अस्पताल में लेकर पहुंचे। जहां इमरजेंसी में तैनात डाक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद महिला के साथ पहुंचे लोगों ने शव को घर ले जाने के लिए एंबुलेंस देने की मांग की। डाक्टरों ने शव को ले जाने के लिए एंबुलेंस का प्रावधान नहीं होने की बात की। एंबुलेंस कर्मचारियों ने भी मरीजों को अस्पताल तक लाने में 108 का उपयोग होने की बात कर शव वापस लेजाने से मना कर दिया। वे इसके बाद एंबुलेंस भेजने की जिद पर अड़ गए और हंगामा काटने लगे। हंगामा बढ़ता देख सूचना पर अस्पताल के प्रभारी पीएस डॉ जेसी ध्यानी भी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने की कोशिश की। लेकिन, लोग उनपर भड़क गए और गाली गलौच करते हुए तोड़फोड़ करनी शुरू कर दी। करीब एक घंटे तक हंगामा होने के बाद तोड़ फोड़ की आशंका को देखते हुए डा. जेसी ध्यानी ने निजी प्रयास से प्राइवेट एंबुलेंस कर किसी प्रकार लोगों को शव के साथ घर भेजा। लोगों के द्वारा डाक्टरों के इस प्रकार के गलत व्यवहार को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों में रोष व्याप्त है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से रविवार रात को लोगों द्वारा की गई अभद्रता पर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है।
सरकार की ओर से शव को घर छोड़ने के लिए एंबुलेंस को भेजने की व्यवस्था नहीं है। लोगों को यह बात समझ में नहीं आई और उन्होंने हंगामा काटते हुए डाक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ अभद्रता की, जो उचित नहीं है। डॉ जेसी ध्यानी, प्रभारी पीएस
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