बीरोंखाल विकासखंड के अंतर्गत 108 एंबुलेंस अक्सर खराब रहती है। जरुरत पड़ने पर मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। आपात स्थिति में दूसरे विकासखंड से एंबुलेंस बुलानी पड़ती है। ऐसे में देरी के कारण मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल रहा है।
बीरोंखाल विकासखंड में 108 एंबुलेंस सेवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बैजरो से संचालित होती है। एंबुलेंस वाहन पुराने होने के कारण इनमें कोई न कोई खराबी आ जाती है। जनप्रतिनिधियों का कहना है 20 सितंबर को पंचपुरी के पास हुई कार दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई थी। इसमें एक व्यक्ति घायल हो गया था। उस समय भी ब्लॉक की एंबुलेंस खराब होने के कारण समय पर मदद नहीं मिल पाई।
एक दिन पहले ही ग्राम चोपता निवासी दीवान सिंह नेगी को दिल का दौरा पड़ा तो परिजनों ने प्राइवेट वाहन से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीरोंखाल पहुंचाया। वहां भी डॉक्टर ने मरीज को रामनगर रेफर कर दिया। धुमाकोट से 108 एंबुलेंस बुलाईतो उसे तीन घंटे से अधिक का समय लग गया। लोगों का कहना है कि जितनी देर में धुमाकोट की एंबुलेंस ने आने-जाने में लगाई, उतनी देर में बैजरो की एंबुलेंस रामनगर पहुंच जाती। सामाजिक कार्यकर्ता धीरेंद्र सिंह ने स्वास्थ्य विभाग से बैजरों के लिए नई एंबुलेंस की मांग की है ताकि समय पर मरीज को उचित इलाज मिल सके।
उच्चाधिकारियों के साथ ही 108 एंबुलेंस सेवा के संचालकों को इस संबंध में अवगत करा दिया है। - शैलेंद्र रावत, प्रभारी चिकित्साधिकारी, बीरोंखाल।
बैजरो सेंटर के लिए दूसरी गाड़ी की व्यवस्था करवाने का प्रयास कर रहे हैं। इससे ग्रामीणों को परेशानी न झेलनी पड़े। - रजन उनियाल, जिला व्यवस्थापक।