कोटद्वार। कड़ाके की सर्दी लोगों को सता रही है। नजला, जुकाम, खांसी के मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। शुक्रवार को राजकीय बेस अस्पताल में मरीजों की खासी भीड़ रही। एचएमपीवी वायरस की भारत में दस्तक के बाद चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से वायरस से बचाव के लिए गाइड लाइन तो जारी कर दी गई है, लेकिन अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों में सावधानी का अभाव नजर आया।
शुक्रवार को बेस अस्पताल में करीब 500 मरीजों ने उपचार के लिए पंजीकरण कराया। बीमारों में सबसे ज्यादा संख्या बच्चों की रही। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. हरेंद्र सिंह एवं डॉ. कुसुमा रावत ने बच्चों को उपचार देने के साथ ही सर्दी एवं संक्रमण से बचाव के टिप्स दिए। वहीं, जनरल फिजिशियन डॉ. जेपी ध्यानी के पास भी मरीजों का तांता लगा रहा।
उपचार कराने वाले मरीजों में ज्यादा संख्या बुखार, नजला-जुकाम, खांसी, सांस फूलने की समस्या रही। मरीज एचएमपीवी वायरस के खतरे से अनजान दिखे। अस्पताल आने वाले मरीजों में इक्का-दुक्का को छोड़कर किसी ने भी मास्क नहीं लगाया हुआ था। छींक और खांसी के समय एहतियात भी नजर नहीं आई, जबकि चिकित्सक उपचार के साथ साथ मरीजों को जागरूक करने में लगे हैं।
.
-उपचार के साथ ही ये बरतें एहतियात
चिकित्सक की सलाह बगैर दवा न लें
किसी रुमाल का दोबारा प्रयोग न करेंहाथ मिलाने से बचें, सामाजिक दूरी बनाएं
नजला-जुकाम होने पर चिकित्सक से मिलें
छींकते-खांसते समय नाक-मुंह पर रुमाल रखें
भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचें
पानी अथवा पौष्टिक तरल पदार्थों का सेवन करें
ठंडे पदार्थों के सेवन से बचें