कैंट की पार्किंग योजना व पार्किंग शुल्क को लेकर फिर से टैक्सी वाले कैंट के खिलाफ खड़े हो गए हैं। गत दिवस कैंट प्रशासन के साथ हुई बैठक में टैक्सियों के लिए पिक्चर हाल के सामने और गुरुद्वारा के निकट पार्किंग तय की गई थी, जिस पर टैक्सी वालों ने भी सहमति जताई थी। इन जगह टैक्सियों के लिए सालाना पास 700 रुपये और प्रतिदिन दो रुपये पर सहमति बनी थी, लेकिन टैक्सी यूनियन ने कैंट पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए उनसे पार्किंग शुल्क नहीं देने की बात की। कहा कि कैंट प्रशासन वायदा खिलाफी कर अब सालाना पास बनवाने का दबाव बना रहा है, जबकि वे प्रतिदिन दो रुपये देने के लिए राजी हैं।
टैक्सी वाले इस बात को लेकर भी खफा हैं कि जिन जगह टैक्सियों के लिए पार्किंग स्थलों का चयन किया गया है, वे कैंट के स्वामित्व में नहीं आते हैं। इधर कैंट प्रशासन के एई एसवीएस राना ने बताया कि 14 अप्रैल से कैंट प्रशासन स्वयं पार्किंग शुल्क की वसूली करेगा। उन्होंने बताया कि टैक्सी वालों को अपना सालाना पास बनवाना पड़ेगा। इससे उन्हें ही लाभ मिलेगा। बताया जा रहा है कि गत दिवस से दोबारा टैक्सियां कोटद्वार से डेरियाखाल तक तथा गुमखाल से जयहरीखाल तक ही चल सकेगी। हालांकि टैक्सी यूनियन अध्यक्षों एसएस रावत तथा एसएस चौहान ने बताया कि वे मामले पर टैक्सी स्वामियों से रायशुमारी कर भविष्य की योजना तैयार करेंगे।