गाड़ीघाट क्षेत्र के सभी प्राइवेट स्कूलों में आरटीई की सीटें ओबीसी घोषित, अभिभावकों में रोष
95 फीसदी मुस्लिम बच्चों को मिला प्रवेश, अन्य वर्गों की अनदेखी का आरोप
कोटद्वार। क्षेत्र के प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत प्रवेश सूची में केवल ओबीसी वर्ग के मुस्लिम बच्चों के नाम होने से सामान्य समेत अन्य वर्गों के बच्चों को नजदीकी विद्यालयों में प्रवेश नहीं मिल पा रहा है। सोमवार को क्षेत्र के अभिभावकों ने शिक्षा विभाग की इस मनमानी के विरोध में बीआरसी सुखरो स्थित एबीईओ कार्यालय में प्रदर्शन किया। जल्द नई सूची जारी करने की मांग करते हुए एबीईओ वर्षा भारद्वाज को ज्ञापन सौंपा है।
सोमवार को क्षेत्र के अभिभावक बीआरसी सुखरो स्थित एबीईओ कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पार्षद विपिन डोबरियाल व हिमांशु वर्मा के नेतृत्व में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। अभिभावकों का कहना है कि क्षेत्र में स्थित ब्लूमिंग वेल में आरटीई के तहत प्रवेश के लिए सभी 10 सीटों पर ओबीसी वर्ग मुस्लिम बच्चों का चयन किया गया है। वहीं हेड हेरिटेज में 12 सीटों पर भी दो बच्चों को छोड़कर अन्य सभी सीटों पर मुस्लिम बच्चों का प्रवेश दिया गया है। यही हाल क्षेत्र के अन्य विद्यालयों का भी है।
सूची में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की ओर से अन्य वर्गों के बच्चों को नकारकर 95 फीसदी मुस्लिम बच्चों को शामिल किया गया है। इससे अन्य वर्गों के बच्चों को इन नजदीकी विद्यालयों में प्रवेश नहीं मिल पा रहा है। अभिभावकों ने आरोप लगाते हुए कहा कि मामले में एबीईओ कार्यालय में लिपिक के पद पर कार्यरत एक मुस्लिम कर्मचारी की संलिप्तता पाई गई है। अभिभावकों ने आरटीई की नई लिस्ट जारी करने व आरोपी लिपिक को हटाने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों में लक्ष्मी नेगी, पूनम देवी, उषा शर्मा, ममता, रौनिका, मीरा चौहान, प्रियंका आदि शामिल रहे।
प्रवेश सूची में ओबीसी मुस्लिम बच्चों को वरीयता देने के विरोध में अन्य वर्गों के अभिभावकों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही शिक्षा विभाग की ओर से नई सूची जारी नहीं की गई तो जनप्रतिनिधि व आवेदनकर्ता अभिभावक शिक्षा विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलने को बाध्य होंगे।