गर्मी के शुरू होते ही पर्वतीय क्षेत्र में जलस्रोत सूखने लगे हैं। दुगड्डा, यमकेश्वर और नैनीडांडा ब्लाक की दस पेयजल योजनाओं के ठप पड़ने से 26 गांव के हजारों पेयजल उपभोक्ताओं में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। पर्याप्त पानी नहीं मिलने से जलसंस्थान के पानी के टैंकर लोगों की प्यास नहीं बुझा पा रहे हैं। इसके कारण ग्रामीणों को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जलसंस्थान कार्यालय कोटद्वार के अंतर्गत पड़ने वाली हल्दूखाल पेयजल योजना, भैड़गांव, पोखरीघियाल गांव, परिंदा, फल्दाकोट, बूंगा तल्ला, दमराड़ा, बिथ्याणी, चुंडई और नैनीडांडा पेयजल योजनाएं पानी के स्रोत सूखने के कारण ठप हो गई है। जिलाधिकारी के निर्देश पर विभाग लोगों को मुख्य मार्गों तक पानी तो उपलब्ध करा रहा है लेकिन तब भी लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। लोगों को पानी के लिए कई किमी पैदल चलकर टैंकर से पानी ढोना पड़ रहा है।
इन गावों में है पेयजल संकट
हल्दूखाल, मेरवाड़ी, सिमली, भैड़गांव, पोखरी, भड़ेत, पोखरखाल, देवियोंखाल गांव, देवियोखाल बाजार, मुजरा, दमराड़ा, बिथ्याणी, चुंडई, नैनीडांडा, बिथ्याणी, पोखरी, पोखरीडांडा, भडे़त, तूनखाल, मागथा, भृगुखाल, काण्डी, ठांगर, पंचूर, डांडांदमराडा, चाई दमराड़ा में लोग पानी के लिए भटक रहे हैं।
टैंकर का समय भी निश्चित नहीं
पेयजल उपभोक्ता रामेश्वर प्रसाद जदली, पंकज पोखरियाल, देवीराम लखेड़ा, सुरेंद्र सिंह बिष्ट, रमेश सिंह भंडारी, राकेश नेगी ने जलसंस्थान पर पर्याप्त पानी नहीं पहुंचाने का आरोप लगाया। कहा कि जलसंस्थान मुख्य सड़कों तक पानी का दिन में एक टैंकर लाकर खानापूर्ति कर रहा है। गांव में पानी नहीं आने के कारण लोग कई किमी पैदल चलकर टैंकर की प्रतीक्षा करते रहते हैं, टैंकर के आने का समय निश्चित नहीं होने के कारण एक-दो बाल्टी पानी के लिए कई घंटे इंतजार करना पड़ता है। पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
यह बात सही है कि कोटद्वार कार्यालय के अंतर्गत दस पेयजल योजनाओं के स्रोत डिस्चार्ज हो गए हैं। योजनाओं से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों के लिए पानी के टैंकरों से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। पानी की कमी होने पर और भी टैंकर लगाए जाएंगे।
- ओपी बहुगुणा, अधिशासी अभियंता जलसंस्थान कोटद्वार