कोटद्वार। सिविल जज (जू.डि.)/न्यायिक मजिस्ट्रेट कोटद्वार सोनिया की कोर्ट ने चेक बाउंस के मामले के आरोपी को परक्राम्य लिखत अधिनियम 1980 की धारा 138 के अधीन दोषसिद्ध करार दिया। अभियुक्त को एक वर्ष चार माह के साधारण कारावास व 14.90 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अर्थदंड की राशि से 14.80 लाख रुपये की धनराशि अभियुक्त वादी को प्रतिकर के रूप में अदा करेगा। शेष 10,000 रुपये की राशि राज्य सरकार के खाते में जमा होगी। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भोगना होगा। पूर्व में बिताई गई सजा भी समाहित की जाएगी।
परिवादी पक्ष के अधिवक्ता अनिल खंतवाल ने बताया कि सदाबहार कॉलोनी लालपुर निवासी कमलेश कुमार ने 28 जून 2018 को आरोपी सोनीपाल सिंह निवासी चंडीगढ़ कॉलोनी, ध्रुवपुर के विरुद्ध एक परिवाद न्यायालय में प्रस्तुत किया। आरोपी ने इलाहाबाद बैंक कोटद्वार से ऋण लिया था। ऋण की राशि न चुकाए जाने के कारण उसके ऊपर ऋण के अतिरिक्त ब्याज की राशि भी बकाया चली आ रही थी। आरोपी ने बैंक लोन चुकाने के लिए मार्च से अक्तूबर 2016 तक उनसे 14 लाख रुपये की धनराशि उधार ली। अभियुक्त ने उन्हें यह धनराशि जल्द लौटाने का आश्वासन दिया था। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब उन्हें उधार ली गई धनराशि अदा नहीं की तो आरोपी ने उन्हें अपने उत्तराखंड ग्रामीण बैंक शाखा लालपुर के खाते का 14 लाख रुपये का एक चेक दिया। उन्होंने उक्त चेक को यूनियन बैंक कोटद्वार शाखा स्थित अपने खाते में भुगतान के लिए प्रस्तुत किया। आरोपी के खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के कारण 11 अप्रैल 2018 को चेक बाउंस हो गया। उन्होंने अधिवक्ता के माध्यम से आरोपी को नोटिस भिजवाया। नोटिस प्राप्त होने के बाद भी अभी तक आरोपी ने उन्हें भुगतान नहीं किया है। उन्होंने कोर्ट से प्रश्नगत चेक की दोगुनी राशि दिलवाने व आरोपी को उचित दंड देने की याचना की।
सिविल जज (जू.डि.)/न्यायिक मजिस्ट्रेट कोटद्वार सोनिया ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने व दस्तावेजी साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद मामले में आरोपी सोनीपाल दोषसिद्ध पाते हुए सजा सुनाई।