राजकीय मेडिकल कालेज की लापरवाही बस दुर्घटना के एक घायल की जान पर भारी पड़ गई। अस्पताल के स्टाफ और तीमारदारों के बुलाने के बावजूद ऑन कॉल चिकित्सक समय पर नहीं आए। चिकित्सा अधीक्षक डा. एससी जैन को स्वयं चिकित्सक को लेने घर जाना पड़ा। चिकित्सक के पहुंचने से पहले ही मरीज ने दम तोड़ दिया।
मंगलवार को संतोली-नंदप्रयाग मार्ग पर बस दुर्घटना में घायल हुए लोगों को मेडिकल कालेज से संबद्ध बेस अस्पताल के इमजरेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है।
इन्हीं मेेें से एक घायल भवान सिंह निवासी सरपाणीघाट की रात करीब 10.30 बजे हालत बिगड़ने लगी। मौके पर मौजूद स्टाफ ने उपचार शुरू करते हुए सीनियर चिकित्सक को फोन किया। आधा घंटा बाद भी चिकित्सक नहीं आए।
इसके बाद चिकित्सा अधीक्षक को फोन किया। एमएस चिकित्सक को स्वयं कमरे से लेकर आए, लेकिन उनके पहुंचने से पहले मरीज ने दम तोड़ दिया था। घायल के परिजन देव सिंह का आरोप है कि मृतक भवान सिंह की तबीयत ठीक थी। चिकित्सक समय पर उपचार करते, तो वह बच सकते थे।
वहीं, चिकित्सा विभाग के सूत्रों का कहना है कि घायल की पसलियां टूूट गई थी। उनके सीने में रक्त भर गया था। समय पर चेस्ट ट्यूब लगाकर रक्त बाहर निकाल दिया जाता, तो संभवतया वह बच सकता था।