फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kotdwar News: कागजों पर हर घर जल, धरातल पर बुजुर्गों के साथ हो रहा छल

Sat, 02 May 2026 04:29 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
विज्ञापन
विज्ञापन
60 लाख की योजना ने तोड़ा दम, बुजुर्ग दंपती स्रोत से पानी ढोने को मजबूर
विज्ञापन

स्रोत से पानी लाने में हाथी व अजगर का बना है खतरा, विभाग नहीं ले रहा सुध
कोटद्वार। रिखणीखाल ब्लॉक के ग्राम पंचायत कांडा गजरोड़ा गांव के तूणीचौड़ खेड़ा तोक में जल जीवन मिशन के तहत 60 लाख की लागत से बनी पेयजल योजना परवान चढ़ने से पहले ही दम तोड़ गई है। स्थिति यह है कि बुजुर्ग दंपती के नल में अभी तक बूंद तक नहीं टपकी है जिससे उन्हें पांच सौ मीटर दूर गजरी स्रोत से पानी ढोने को मजबूर होना पड़ रहा है।
स्रोत से पानी ढोने में हाथी व अजगर का खतरा बना है। बुजुर्ग दंपती का आरोप है कि उन्होंने सीएम पोर्टल में भी शिकायत दर्ज करवाई लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। तूणीचौड़ खेड़ा तोक निवासी बुजुर्ग दंपती 93 वर्षीय विश्वंभर दत्त व 87 वर्षीय विमला देवी ने बताया कि तीन वर्ष पहले हर घर जल की योजना के तहत लगभग 60 लाख रुपये की लागत से पेयजल योजना बनाई गई।
विज्ञापन

इसके मुख्य स्रोत से वितरण टैंक तक पेयजल लाइन बिछाई जानी थी। तीन स्रोतों से तीन तोकों के लिए बनी योजना से बैडवाड़ी, खेड़ा, गजरोड़ा के तोक तूणीचौड़ में करीब 120 कनेक्शन दिए गए। मुख्य स्रोत से वितरण टैंक तक पेयजल लाइन नहीं बिछने से तीनों गांवों में अब तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने मामले की शिकायत सीएम पोर्टल दर्ज कराई, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई जिससे उन्हें पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है।
वृद्ध बताते हैं कि उनकी पत्नी विमला देवी को पिछले साल ब्रेन स्ट्रोक हुआ था जिससे वह ठीक से चल भी नहीं पाती है। नल में पानी न आने के कारण दोनों को पांच सौ मीटर दूर गजरी स्रोत से छोटी बोतलों व डिब्बे में पानी भरकर लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। गजरी स्रोत से पानी लाने में रास्ते में विशालकाय अजगर व हाथी के हमले का खतरा बना हुआ है।
पांच दिन पहले हाथी द्वारा प्राकृतिक स्रोत रौंदने से वहां भी पानी भरना मुश्किल हो रहा है। खेड़ा व तूणीचौड़ निवासी संदीप, लीला देवी, सुरजी देवी, सुंदरा देवी, गुड्डी देवी का कहना है कि पाइपलाइन की सफाई नहीं होने व लाइन सही तरह से न बिछने के कारण शुरू से ही पेयजल किल्लत बनी है। ग्राम प्रधान बिनीता ध्यानी ने चेतावनी दी कि यदि पेयजल योजना जल्द ठीक नहीं हुई तो ग्रामीणों के सहयोग से ब्लाॅक मुख्यालय में धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
विज्ञापन



बृहस्पतिवार को ही बुजुर्ग दंपती की शिकायत मिली है। संबंधित जेई को मौके पर भेजा गया है। जल्द ही समस्या का निराकरण कर प्रभावित गांवों में पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
- अजय बेलवाल, ईई पेयजल निर्माण निगम कोटद्वार।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें