कोटद्वार। रेल स्टेशन के यार्ड क्षेत्र में अब रेल ट्रैक के आसपास मिट्टी का कटान नहीं होगा। रेलवे 60 लाख रुपये के बजट से 300 मीटर के दायरे में बोल्डर पिचिंग में जुट गया है। आगामी वर्षाकाल से पहले कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अमृत भारत स्टेशन योजना में रेलवे स्टेशन के नए भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। साथ ही रेलवे स्टेशन की अन्य व्यवस्थाएं भी सुधारी जा रहीं हैं। कोटद्वार रेलवे स्टेशन का भवन ऊंचाई पर है, जबकि प्लेटफाॅर्म करीब 25 से 30 मीटर गहराई पर है। इसी तरह रेल ट्रैक पार करने के बाद रेलवे की कई बीघा भूमि भी करीब 25 से 30 मीटर गहराई में है। बीते कई वर्षों से यह भूमि बदहाल पड़ी थी और देखरेख के अभाव में रेल ट्रैक से सटी मिट्टी खुर्दबुर्द होने के साथ कमजोर पड़ चुकी थी। दरअसल बरसात के समय शहर का काफी पानी तेज रफ्तार से रेलवे स्टेशन क्षेत्र और रेल ट्रैक से होकर नीचे उतरकर नदी तक पहुंचता है। इस बीच पानी का तेज बहाव कई जगह पर मिट्टी का कटान करता है।
गत वर्ष रेल ट्रैक के पास काफी कटान होने पर रेल ट्रैक को बचाने के लिए रेलवे खंड कार्यालय नजीबाबाद की ओर से अनेक रेत-मिट्टी के कट्टे लगाए गए थे। इसी तरह कई अन्य जगहों पर मिट्टी कमजोर होने पर रेलवे के मंडलीय अधिकारियों के निर्देश पर खंड कार्यालय नजीबाबाद ने खाली पड़ी भूमि पर पोकलेन और जेसीबी लगाकर मिट्टी को ट्रैक के किनारे चढ़ाना शुरू किया गया है। इसके बाद बोल्डर पिचिंग का काम शुरू होगा। वहीं, खाली जमीन पर वृहद स्तर पर पौधरोपण किया जाएगा।
आगामी वर्षाकाल से पहले रेल ट्रैक किनारे कोटद्वार से नजीबाबाद की ओर पिचिंग कार्य किया जाना है। करीब 60 लाख रुपये के बजट से करीब 300 मीटर के दायरे में पिचिंग कार्य होगा।
-दिनेश कुमार, सहायक मंडलीय अभियंता नजीबाबाद