संवाद न्यूज एजेंसी (पड़ताल)
कोटद्वार। गाड़ीघाट स्थित कांजी हाउस की भूमि पर 98 लाख की लागत से प्रस्तावित नगर निगम का रैन बसेरा भवन रेलवे और नगर निगम के विवाद में पिछले तीन साल से अधर में लटका हुआ है। रेलवे की आपत्ति के चलते निर्माणाधीन चार मंजिला ढांचे का काम जून 2022 से बंद है, जिससे बाहर से आने वाले यात्रियों और जरूरतमंद लोगों को सुविधा नहीं मिल पा रही है।
जून 2021 में शासन ने 98.45 लाख की धनराशि स्वीकृत करते हुए 40 लाख रुपये जारी किए थे। नवंबर 2021 में नगर निगम ने निर्माण शुरू कर ढांचा लगभग तैयार भी कर दिया था। लेकिन रेलवे ने जून 2022 में नोटिस जारी कर भूमि को अपनी बताते हुए निर्माण रोक दिया और एनओसी लेने को कहा।
दिसंबर 2022 में मुरादाबाद मंडल के तहत नजीबाबाद के खंड अभियंता ने नगर निगम अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया, लेकिन दोनों विभाग भूमि संबंधी अभिलेख उपलब्ध नहीं करा पाए। बताया गया कि यह भूमि खाम स्टेट की होने के कारण राजस्व रिकार्ड में भी दर्ज नहीं है। वार्ता में विधिवत एनओसी लेकर निर्माण आगे बढ़ाने पर सहमति बनी थी, परंतु अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।स्थिति यह है कि रैन बसेरा का ढांचा खंडहर में तब्दील होने लगा है, जबकि विभिन्न संगठन इस मामले में उच्चस्तरीय हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
भूमि विवाद के चलते रैन बसेरा का निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है। इस संबंध में रेलवे के अधिकारियों को कई बार पत्र भेजा गया, लेकिन अभी तक उनका कोई जवाब नहीं मिल पाया है। जिससे काम आगे नहीं बढ़ सका है।
- चंद्रशेखर शर्मा, सहायक नगर आयुक्त कोटद्वार।