राज्य आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री और कांग्रेस की अनुशासन समिति के अध्यक्ष से राज्य निर्माण आंदोलनकारी सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप को दिए गए अनुशासनहीनता के नोटिस को वापस लेने की मांग की है।
मुख्यमंत्री और अनुशासन समिति के अध्यक्ष रवींद्र जैन को भेजे गए ज्ञापन में कहा गया कि धीरेंद्र प्रताप पिछले दो दशकों से राज्य निर्माण आंदोलन की अगुवाई करते आए हैं जिसके फलस्वरूप कांग्रेस सराकर ने उन्हें आंदोलनकारियों के हितों के लिए समिति के उपाध्यक्ष पद से नवाजा है। चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों की मांगों को लेकर वे इस पद पर रहते हुए उनकी आवाज को मुखर करते आ रहे हैं। अब कांग्रेस सरकार द्वारा उन्हें अनुशासनहीनता का नोटिस जारी कर कार्रवाई की बात कही गई है। ज्ञापन में कहा गया कि यदि आंदोलनकारियों की आवाज मुखर कर रहे धीरेंद्र प्रताप के ख्लिाफ कांग्रेस की अनुशासन समिति की ओर से कोई कार्रवाई की गई तो राज्य आंदोलनकारी इसका विरोध करते हुए सड़कों पर उतरने को विवश होंगें।
ज्ञापन में राज्य आंदोलनकारी समिति के जिला महामंत्री मनमोहन असवाल, पूर्व ब्लाक प्रमुख जयहरीखाल शिवचरण रावत, विनोद नेगी, जैहरी के प्रधान हरीमोहन रावत के हस्ताक्षर हैं।