देवप्रयाग के पास दुर्घटनाग्रस्त कार में सवार एसडीआरएफ (राज्य आपदा राहत बल) के तीन जवानों का दूसरे दिन भी पता नहीं चल सका है। खोज-बचाव दल ने घटनास्थल से लेकर व्यासघाट तक गंगा नदी में डुबकी लगाकर भी लापता जवानों को ढूंढने का प्रयास किया। इस बीच, एसडीआरएफ के कमांडेंट पीके कृष्ण कुमार ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर खोज अभियान का जायजा लिया।
मालूम हो कि शुक्रवार रात लगभग नौ बजे देवप्रयाग से करीब साढ़े चार किलोमीटर आगे चिलंगा मोड़ पर रात में एक कार अनियंत्रित होकर गंगा नदी में समा गई थी। दुर्घटनाग्रस्त कार में अल्मोड़ा जिले के निवासी एसडीआरएफ के पांच जवान होली की छुट्टी मनाकर ड्यूटी पर अपने कैंप जौलीग्रांट लौट रहे थे। दुर्घटना के बाद एक जवान का शव घटनास्थल से बरामद हो गया था, जबकि अन्य तीन जवानों (हेमंत बिष्ट, वीरेंद्र और पूरण) का पता नहीं चल पाया। हादसे में एक जवान घायल हो गया था। शनिवार शाम रेस्क्यू टीम ने घटनास्थल के समीप नदी से कार बरामद कर ली। रविवार को एसडीआरएफ और कुंभ क्षेत्र की जल पुलिस के 26 गोताखोर/तैराकों ने गंगा नदी में दिन भर तलाशी अभियान चलाया, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। लापता जवानों के परिजन भी टीम के साथ उनकी तलाश करते रहे। थानाध्यक्ष हेमंत खंडूरी ने बताया कि तलाशी अभियान जारी है। सभी थानों को सूचित किया गया है कि नदी में कुछ दिखाई देने पर तत्काल खोज दल को सूचना दे दे।