एनसीटीई (राष्ट्रीय शिक्षा शिक्षक परिषद) ने पौड़ी डायट (जिला शैक्षिक एवं प्रशिक्षण संस्थान) की मान्यता बहाल कर दी है। मान्यता बहाल होने से यहां अध्ययनरत डीएलएड (डिप्लोमा इन एलेमेंट्री एजुकेशन) छात्र-छात्राओं में खुशी है।
बता दें कि कुछ माह पूर्व एनसीटीई ने एनसीटीई रेग्यलुेशन 2014 की शर्तों के चलते राज्य के नौ डायट की मान्यता पर रोक लगा दी थी। एनसीटीई कहना था कि दो वर्षीय कोर्स डीएलएड के अनुुरूप इन संस्थानों में संसाधन व शिक्षक नहीं है। खंडाह के समीप चड़ीगांव में स्थित पौड़ी के डायट की मान्यता भी कामन हॉल और संकाय सदस्यों के कारण रुक गई।
दिक्कत यह थी कि अगले दो-तीन माह में डायट से डीएलएड का पहला बैच पास आउट होने वाला है।
बिना मान्यता के उनका कोर्स करने का कोई फायदा नहीं रहता। इस बीच पौड़ी डायट ने सभी कमियां पूरी कर लीं। इसके अलावा सभी डायट की ओर से एनसीटीई को बताया गया कि एनसीटीई एक्ट 1993 के अनुसार संस्थानों को अगस्त 2000 में मान्यता मिली है। पिछले दिनों एनसीटीई की बैठक हुई। जिसमें मान्यता के आधार पर रोक हटाने का निर्णय किया गया।
उत्तराखंड द्विवर्षीय डीएलएड संगठन के प्रदेश अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष विनय पोखरियाल, उपाध्यक्ष सौरभ उनियाल और सचिव पंकज कुमार निराला ने मान्यता मिलने पर शिक्षकों और विभाग का आभार जताया है। उन्होंने कोर्स पूरा होने पर तुरंत नियुक्ति की मांग की है। डायट प्राचार्य एलएम चमोला ने बताया कि पुन: मान्यता मिलने संबंधी पत्र प्राप्त हो गया है।