यमुनोत्री धाम की यात्रा पर बढ़ा संकट
भूस्खलन क्षेत्र को पैदल पार कर दूसरी ओर खड़े वाहनों तक पहुंचना पड़ रहा है यात्रियों को
बड़कोट। चारधाम यात्रा के दौरान यमुनोत्री हाईवे पर स्यानाचट्टी का भूस्खलन क्षेत्र श्रद्धालुओं की परीक्षा ले रहा है। पिछले पांच दिनों से बड़े वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद है। इसके बावजूद यात्रा जारी है लेकिन श्रद्धालुओं को गिरते बोल्डरों और दलदल से भरे भूस्खलन क्षेत्र को पैदल पार कर दूसरी ओर खड़े वाहनों तक पहुंचना पड़ रहा है। हर दिन यह सफर जान जोखिम में डालकर पूरा किया जा रहा है।
स्यानाचट्टी के पास लगभग प्रतिदिन पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरने के कारण घंटों तक हाईवे बंद हो रहा है। बड़े वाहन स्यानाचट्टी से आगे नहीं जा पा रहे हैं जिससे यात्रियों को बीच रास्ते उतरकर पैदल आवाजाही करनी पड़ रही है। बरसात के कारण भूस्खलन स्थल पर दलदल बनने से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की मुश्किलें और बढ़ गई है।
यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल ने बताया कि बड़े वाहनों के संचालन पर रोक से श्रद्धालुओं को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि भूस्खलन स्थल पर दलदल होने के कारण पैदल चलना भी बेहद कठिन हो गया है। गीठ पट्टी क्षेत्र के आराध्य देव सोमेश्वर महाराज की डोली और उनके साथ चल रहे श्रद्धालुओं को भी इसी जोखिम भरे रास्ते से गुजरना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्यानाचट्टी में हर साल भूस्खलन की समस्या सामने आती है लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया। फिलहाल केवल मलबा हटाकर यातायात बहाल करने की कोशिश होती है जबकि पहाड़ी के स्थायी ट्रीटमेंट और सुरक्षा उपायों पर ठोस तरीके से काम नहीं हो रहा।