किशनपुर/कोटद्वार। डा. हरक सिंह रावत ने कहा कि क्षेत्र की प्रमुख ऐतिहासिक धरोहरों में कण्वाश्रम सर्वप्रमुख है। यह राजा भरत की जन्म स्थली है, इसलिए केंद्र और प्रदेश सरकार कण्वाश्रम के विकास को लेकर योजनाएं बना रही है। वह कण्वाश्रम विकास समिति की ओर से आयोजित विचार गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कण्वाश्रम में मिनी चिड़ियाघर और आयुर्वेदिक शोध केंद्र बनाने की घोषणा की है। कहा कि कण्वाश्रम के विकास के लिए उच्च स्तरीय बैठक जून में आयोजित की जाएगी। रविवार को कण्वाश्रम में आयोजित गोष्ठी में वरिष्ठ पत्रकार कमल जोशी ने कहा कि कण्वाश्रम के विकास को लेकर बनने वाली योजनाओं में उत्तराखंड की लोक संस्कृति, स्थानीय वास्तुकला, योग कक्षाओं, कुटीर उद्योगों का ध्यान रखते हुए युवाओं के रोजगार का भी विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
इस अवसर पर समिति की सदस्य आभा डबराल ने काबीना मंत्री के समक्ष कण्वाश्रम में भरत का भव्य स्मारक, कण्वाश्रम-पौखाल पैदल मार्ग को ट्रैकिंग के रूप में विकसित करना, मंदिर परिसर को हर्बल पार्क के रूप में विकसित करना, मालन नदी से कटाव के चलते पुल की सुरक्षा के लिए सुरक्षा दीवार बनवाने, जीएमवीएन गेस्ट हाउस के लिए मार्ग का डामरीकरण करवाने, साइनेज लगवाने, संग्रहालय बनवाने जैसे कई सुक्षाव रखे। गोष्ठी में भाजपा जिलाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह बिष्ट, ग्राम प्रधान शैलेष शैलेंद्र डबराल, वन रेंज अधिकारी एसपी कंडवाल, सहायक अभियंता एलएस रावत, काजल कुुमार शशिबाला केष्टवाल, मोहन सिंह रावत, सीएम बिंजोला, चक्रधर शर्मा, हरि सिंह रावत व परशुराम आदि मौजूद थे।