दो स्कूलों में मध्याह्न भोजन बनाने में भी दिक्कत
कोटद्वार। दुगड्डा ब्लॉक के घाड़ क्षेत्र की ग्रामसभा मथाणा के तीन राजस्व गांवों में पिछले चार माह से पेयजल संकट बना हुआ है। मथाणा पेयजल योजना ठप होने के कारण ग्रामीणों को करीब आधा किलोमीटर दूर स्रोतों से सिर पर पानी ढोकर अपनी जरूरतें पूरी करनी पड़ रही हैं। वहीं, पानी की आपूर्ति बाधित होने से ग्रामसभा स्थित प्राथमिक विद्यालय मथाणा और जूनियर हाईस्कूल मथाणा में मध्याह्न भोजन बनाने में भी दिक्कतें आ रही हैं। ग्रामीणों ने पेयजल निगम पर शिकायत के बावजूद योजना की मरम्मत नहीं कराने का आरोप लगाया है।
दुगड्डा ब्लॉक के मथाणा तल्ला, मथाणा मल्ला और मथाणा बिचला गांवों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए गड़ेथ रौला में पेयजल योजना बनाई गई थी। इसके तहत मथाणा तक करीब आठ किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन बिछाई गई थी।
जल जीवन मिशन के तहत वर्ष 2023 में 48.64 लाख रुपये की लागत से योजना जीर्णोद्धार किया गया। योजना के शुरू होने के बाद से ग्रामीणों के साथ ही दोनों विद्यालयों को भी नियमित पेयजल मिल रहा था। हालांकि, जून में शुरुआती बारिश के दौरान स्रोत के पास पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से आपूर्ति बाधित हो गई। इसके बाद से योजना बंद पड़ी है।
पानी की आपूर्ति ठप होने से तीनों गांवों के 80 परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए प्राकृतिक स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों और शिक्षकों को भी पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। प्राथमिक विद्यालय व जूनियर हाईस्कूल मथाणा में मध्याह्न भोजन तैयार करने के लिए भी पानी ढोकर लाना पड़ रहा है।
ग्राम प्रधान दीपिका बिष्ट और समाजसेवी संदीप बिष्ट ने बताया कि पेयजल निगम के अधिकारियों को कई बार समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक योजना की मरम्मत नहीं हो सकी है। उन्होंने जल्द पेयजल आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।
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बरसात के दौरान पहाड़ी से लगातार मलबा आने के कारण पेयजल लाइन की मरम्मत कराना संभव नहीं था। अब मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। जल्द ही योजना से ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी।
- वंदना चौहान, जेई पेयजल निगम कोटद्वार।