संवाद न्यूज एजेंसी
कोटद्वार। डिजिटल अरेस्ट कर महिला से 10 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी के मामले में पांच हजार रुपये के इनामी को पुलिस ने जयपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने महिला को मोबाइल नेटवर्क कंपनी का अधिकारी बताकर अवैध गतिविधि में संलिप्त होने का डर दिखाकर ठगी की थी।
कोटद्वार के सिताबपुर निवासी महिला मंजू बाला ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि आठ जुलाई को उसके मोबाइल पर एक व्यक्ति की कॉल आई। उसने खुद को अभिषेक निवासी कोलाबा, मुंबई निवासी और एक मोबाइल नेटवर्क कंपनी का अधिकारी बताया। उसने आधार कार्ड अवैध गतिविधि में लिप्त होने के कारण उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की बात कही। फिर कार्रवाई से बचाव के लिए बैंक खातों और उनमें जमा रकम की जांच की अनिवार्यता बताई।
मंजू ने पुलिस को बताया था कि अंजान उसकी बातों में आकर उसने 10 लाख रुपये की एफडी तोड़कर यूनियन बैंक कोटद्वार की शाखा में बताए खाते में जमा करा दिए। पीड़िता ने बताया कि इसके बाद कुछ दिन उसे झूठे आश्वासन देकर टालता रहा। मंजू ने कहा कि बाद में उसे अपने साथ ठगी का एहसास हुआ, तब उसने पुलिस को तहरीर दी।
मुकदमा दर्ज कर पुलिस ऑनलाइन ठगी करने के आरोपी तक पहुंच गई। सीओ निहारिका सेमवाल के पर्यवेक्षण और कोतवाल रमेश तनवार के नेतृत्व में पुलिस टीम व साइबर सर्विलांस टीम ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर देशभर में लोगों को ठगने की गतिविधियों में सक्रिय गैंग के महाराष्ट्र निवासी प्रमुख सदस्य तनवीर अय्यूब अतार (50) को जयपुर राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। वहीं, पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों के संबंध ामें जानकारी जुटाने में लग गई है। ठगी करने के आरोपी को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को एसएसपी पौड़ी ने पांच हजार रुपये का इनाम दिया।