पानी की परेशानी पर प्रदर्शन करते लोग।
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पेयजल किल्लत से जूझ रहे ग्राम पंचायत उमैला मल्ला के ग्रामीणों ने तहसील में प्रदर्शन कर गांव में पेयजल आपूर्ति किए जाने की मांग की। उन्होंने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किए जाने की गुहार लगाई।
शुक्रवार को सीला पट्टी के उमरैला मल्ला के ग्रामीण तहसील में पहुंचे। उन्होंने जलसंस्थान के खिलाफ नारेबाजी की। इस अवसर पर ग्रामीणों ने जलसंस्थान पर पाइपलाइन के नाम पर सरकारी बजट को ठिकाने लगाने का आरोप लगाया। कहा कि विभाग हर साल पाइप की मरम्मत करता है लेकिन उन्हें पर्याप्त पानी नहीं मिलता है। वर्तमान में एक सप्ताह से पेयजल लाइन में पानी नहीं आ रहा है। नजदीक कोई प्राकृतिक स्रोत नहीं होने के कारण वे दो किमी दूर दूसरे गांव या फिर नदी से पानी ढोने को मजबूर हैं।
बताया कि वर्ष 1986 में जल संस्थान कोटद्वार द्वारा गांव में पेयजल समस्या को लेकर रामड़ी फैलाखर स्रोत से पानी की व्यवस्था की गई थी, लेकिन विभाग ने नियमित स्रोत से हटाकर किसी अन्य स्रोत में पाइप बिछा दिए, जिसके कारण पानी का संकट पैदा हो गया है। कई बार विभाग के अधिकारियों को शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने गांव में पानी की व्यवस्था बनाने के लिए विभाग को निर्देशित करने की मांग की।
इस अवसर पर विजय सिंह, बलवंत सिंह, मेहरवान सिंह नेगी, पूरण सिंह, राजेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, जीवन सिंह, शाकांबरी देवी, दमयंती देवी, इंदू देवी, चंद्रमोहन सिंह, शशि नेगी और गिरीश चंद्र आदि थे।