पानी की परेशानी से जूझ रहे गांव।
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कल्जीखाल ब्लाक के पूर्वी एवं पश्चिमी मनियारस्यूं पट्टी के लिए प्रस्तावित चिनवाड़ी डांडा पंपिग योजना की स्वीकृति का शासनादेश जारी नहीं हो पाया है। जबकि शासन की वित्त व्यय समिति से इसे तीन महीने पहले ही हरी झंडी दे दी थी।
कल्जीखाल की पूर्वी और पश्चिमी मनियारस्यूं पट्टी में पड़ने वाले घंडियाल, बनेख, ढाढूखाल, शाकनी बड़ी, नैथाना, पंचाली, धारी, ओलना, गढ़कोट आदि गांव कई वर्षों से जल संकट से जूझ रहे हैं। पेयजल समस्या के समाधान के लिए जल निगम की प्रकल्प शाखा की ओर से चिनवाड़ी डांडा पंपिग योजना प्रस्तावित की गई थी। लंबे इंतजार के बाद फरवरी में व्यय वित्त समिति ने 22 करोड़ की इस पंपिग योजना को मंजूर कर दिया। इसके बाद शासन ने जल निगम से इस योजना से आच्छादित क्षेत्रों की सर्वेक्षण रिपोर्ट मांगी गई थी। जल निगम ने मार्च में यह रिपोर्ट भी शासन को भेज दी थी। इसके बाद भी शासनादेश नहीं हो पा रहा है।
मनियास्यूं विकास समिति के अध्यक्ष दिनेश रावत, सामाजिक कार्यकर्ता जगमोहन डांगी, शाकनी बड़ी निवासी राकेश रावत कहना है कि शासनादेश जारी करने में विलंब लोगों पर भारी पड़ रहा है।
चिनवाड़ी डांडा पेयजल योजना की स्वीकृति का शासन से शासनादेश नहीं हो पाया है। स्वीकृति का शासनादेश होने के बाद ही इसमें निर्माण शुरू किया जाएगा। -एचपी पेटवाल अधिशासी अभियंता जल निगम प्रकल्प शाखा पौड़ी