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श्रीमद् भागवत कथा श्रवण से होती है मोक्ष की प्राप्ति : आचार्य विपिन सेमवाल

Tue, 31 Mar 2026 07:10 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
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श्रोता बकता ग्राम खरका
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कण्वघाटी। जीवन के अंतिम क्षणों में भी यदि भगवान की शरण ली जाए तो मोक्ष निश्चित है। श्रीमद् भागवत कथा श्रवण से श्राप से भी मुक्ति मिल जाती है। झंडीचौड़ में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन आचार्य विपिन सेमवाल ने यह बात कही। उन्होंने राजा परीक्षित की कथा सुनाते हुए कहा कि परीक्षित ने गलती से एक ध्यानमग्न ऋषि के गले में मृत सांप डाला जिसके कारण उन्हें श्रृंगी ऋषि ने 7 दिनों में तक्षक नाग के काटने से मृत्यु का श्राप दिया। अपनी गलती का पता चलने पर परीक्षित ने कोई आक्रोश नहीं दिखाया बल्कि राजपाठ त्यागकर गंगा तट पर मृत्यु का इंतजार करने के लिए बैठ गए। इस पर शुक्रदेव ने राजा परीक्षित को लगातार सात दिनों तक श्रीमद भागवत कथा सुनाई। सातवें दिन, तक्षक नाग के डसने से परीक्षित की मृत्यु हो गई लेकिन कथा श्रवण से उन्हें मोक्ष (मुक्ति) की प्राप्ति हुई। इस अवसर पर कुलदीप रावत, मंदिर समिति अध्यक्ष गौरव कुकरेती, बीना देवी, गीता देवी, देव डोली उपासक दीपक नेगी, राहुल भंडारी, प्रशांत बडोनी, सुभाष बडोनी, भगवान दास, कृष्णा दास आदि मौजूद रहे। संवाद
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