संवाद न्यूज एजेंसी
कोटद्वार। ग्रामीण विकास नागरिक विचार मंच की ओर से नशामुक्ति कार्यक्रम के तहत युवा पीढ़ी में नशा प्रवृत्ति की निरंतर वृद्धि व हमारा दायित्व विषय पर विचार गोष्ठी हुई। युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति के लिए प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए देवभूमि उत्तराखंड में शराब बंदी लागू करने की मांग की गई। इस मौके पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट करने वाले लोगों को सम्मानित भी किया गया।
बालासौड़ स्थित एक वेडिंग प्वाइंट में आयोजित गोष्ठी में मुख्य अतिथि यूकेडी के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. शक्तिशैल कपरवाण ने कहा कि शराब कारोबारियों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होने के कारण शराब का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है। उन्होंने महिलाओं के नाम पर शराब के लाइसेंस देने को अनैतिक बताया। विशिष्ट अतिथि सर्वोदय सेविका शशि प्रभा रावत ने मातृशक्ति से मोर्चा संभालने का आह्वान किया।
विचार मंच के अध्यक्ष प्रवेश चंद्र नवानी ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया। इस मौके पर समाजसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रकाश चंद्र कोठारी, विचार मंच के अध्यक्ष प्रवेश चंद्र नवानी, उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह रावत, महासचिव जनार्दन ध्यानी, कोषाध्यक्ष डॉ. रमेश चंद्र नैथानी, चित्रकार, लेखक एवं रंगकर्मी अनुसूया प्रसाद डंगवाल को सम्मानित किया गया।
समाजसेवी सत्यप्रकाश थपलियाल की अध्यक्षता में आयोजित गोष्ठी में जनार्दन बुड़ाकोटी, वरूण भदोला, समाजसेवी सुरेंद्रलाल आर्य, सीपी डोबरियाल, गोविंद डंडरियाल, मयंक प्रकाश कोठारी, राजेंद्र जजेड़ी, प्रधानाचार्य आरती कंडवाल, नागरिक मंच के अध्यक्ष सीपी नैथानी, कर्नल बुद्धि वल्लभ ध्यानी (से.नि.), सेवानिवृत्त कैप्टन श्रीकांत नौगाईं, शशिभूषण अमोली, राकेश मोहन सुंद्रियाल आदि मौजूद रहे। गोष्ठी का संचालन शंकरदत्त गौड़ ने किया।
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