कोटद्वार। लोकतंत्र बचाओ, संविधान बचाओ, वोट बचाओ और देश बचाओ अभियान के तहत इंडिया गठबंधन के बैनर तले कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर एसडीएम संदीप कुमार के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा।
सभा में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार में लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है। उन्होंने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को तत्काल रद्द करने, महगाईं, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की मांग की। किसानों और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा तथा संवैधानिक संस्थाओं को स्वतंत्र रखने पर भी जोर दिया गया।
प्रदर्शनकारियों ने अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच पूरी कराने, लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग को एलिवेटेड बनाने, शिक्षा पाठ्यक्रमों से देश के सपूतों का इतिहास नहीं हटाने और सरकारी संपत्तियों की बिक्री व निजीकरण पर रोक लगाने की मांग उठाई। रिक्त सरकारी पदों पर सीधी भर्ती की मांग भी की गई।
धरना देने वालों में पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी, महानगर कांग्रेस अध्यक्ष मीना बछवाण, वरिष्ठ नेता रंजना रावत, पूर्व प्रमुख गीता नेगी, प्रवीन रावत, संजय मित्तल, प्रवेश रावत, विजय नारायण सिंह मौजूद रहे।
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बिथ्याणी से यमकेश्वर तहसील तक निकाला पैदल मार्च
यमकेश्वर। जिला कांग्रेस कमेटी ने जिलाध्यक्ष विकास नेगी के नेतृत्व में बिथ्याणी से यमकेश्वर तहसील तक पैदल मार्च निकाला। इसके बाद एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया। कांग्रेस ने एसआईआर में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने, उचित जांच व सुनवाई के बिना पात्र मतदाताओं के नाम सूची से नहीं हटाने और फार्म-7 से प्राप्त आपत्तियों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। मार्च में पूर्व जिलाध्यक्ष विनोद डबराल, पूर्व प्रमुख रुचि कैंतुरा, जगदीश कुलियाल और आशुतोष चंद्र शामिल रहे।