श्रीनगर। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के ग्लास हाउस क्षेत्र में तेजी से हो रहे भू-धंसाव ने विश्वविद्यालय प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। भू-धंसाव से विवि के आवासीय भवन भी खतरे की जद में आ गए हैं। स्थिति को देखते हुए विश्वविद्यालय ने समय रहते संभावित प्रभावित क्षेत्रों के उपचार की प्रक्रिया शुरू कर दी है। भूगर्भ विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. एम.पी.एस. बिष्ट के नेतृत्व में विवि, सीपीडब्ल्यूडी और निर्माण अनुभाग की संयुक्त टीम ने प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान डांग-ऐठाना को जोड़ने वाली सड़क और शिक्षक-कर्मचारी आवासीय परिसर में भू-धंसाव व भूस्खलन की स्थिति का आकलन किया गया। प्रो. बिष्ट ने बताया कि यह इलाका पहले से ही भूस्खलन से प्रभावित रहा है। अनियंत्रित बसावट और पानी की निकासी की उचित व्यवस्था न होने से भवनों व सड़कों पर दरारें पड़ रही हैं। निरीक्षण के बाद टीम विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपेगी, ताकि उपचारात्मक कदम जल्द उठाए जा सकें।