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Kotdwar News: सिंचाई के अभाव में 78 फीसदी जमीन हुई बंजर, काश्तकारों में रोष

Wed, 22 Apr 2026 06:39 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
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शिकायत के बाद भी लघु सिंचाई विभाग नहीं ले रहा योजनाओं की सुध
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कोटद्वार। दुगड्डा ब्लाॅक के ग्राम पंचायत सिमलचौड़ के ऐता गांव में खोह नदी में बनी दोनों हाइड्रम योजनाएं लंबे समय से ठप पड़ी है जिससे काश्तकारों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। सिंचाई के अभाव में गांव की 78 फीसदी कृषि भूमि बंजर हो चुकी है। गांव के काश्तकारों में लघु सिंचाई विभाग के अधिकारियों के खिलाफ रोष व्याप्त है। काश्तकारों ने जिला प्रशासन से मामले में कार्रवाई करने की मांग की है।
ऐता गांव में करीब 500 नाली कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लघु सिंचाई विभाग की ओर से वर्ष 1985 में खोह नदी में हाइड्रम योजना स्थापित की गई। इसके बाद एक अन्य हाइड्रम योजना बनाई गई। हाइड्रम योजना बनने के बाद काश्तकारों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो रही थी। पिछले तीन साल से दोनों योजनाएं ठप हैं जिससे काश्तकारों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।
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काश्तकार सुदीप बौंठियाल ने कहा कि विभागीय लापरवाही के कारण दोनों हाइड्रम योजनाएं ठप हैं जिससे काश्तकारों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। पिछले तीन साल में योजनाओं पर कोई काम नहीं हुआ है। बागवानी को भी खासा नुकसान पहुंच रहा है। 78 फीसदी कृषि भूमि बंजर होने के कगार पर है। मंगलवार को कोटद्वार में आयोजित तहसील दिवस में मामले की शिकायत सीडीओ पौड़ी के समक्ष की गई है।
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ऐता गांव मंदिर के पास वाली हाइड्रम योजना चालू है जबकि दूसरी हाइड्रम योजना की मरम्मत के लिए जिला योजना में तीन लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है। बजट स्वीकृत होते ही हाइड्रम योजना को पुन: सुचारू किया जाएगा।
- खेम सिंह पाल, जेई लघु सिंचाई उपखंड कोटद्वार।
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