कोटद्वार। कोटद्वार-पौड़ी हाईवे पर कई जगह डेंजर जोन बनने पर अब रात के समय हाईवे पर यातायात को प्रतिबंधित कर दिया गया है। वहीं, सोमवार को दुखद घटना घटने के बाद मंगलवार को दिन में अन्य दिनों की अपेक्षा यातायात का दबाव कम रहा।सोमवार को सिद्धबली मंदिर के पास पहाड़ से सवारियों से भरे मैक्स वाहन में बोल्डर गिरने से दो लोगों की मौत और छह लोगों के घायल होने की घटना ने हर किसी को झकझोर दिया है। उत्तराखंड में जगह-जगह आपदाएं आने, जनपद पौड़ी के पर्वतीय क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन होने की घटनाओं को अब लोगों ने गंभीरता से लिया है। मंगलवार को कोटद्वार पौड़ी हाईवे पर वाहनों का दबाव कुछ कम रहा। वाहन चालक समूह बनाकर गुजर रहे थे और एकदूसरे से तालमेल बनाए हुए थे।
वहीं, सोमवार की घटना के बाद अब स्थानीय प्रशासन एवं लोनिवि ने अलग-अलग जगह कड़ी एहतियात बरतना शुरू कर दिया है। रात के समय यातायात रोका गया है। बसों एवं भारी वाहनों का रात एवं तड़के संचालन नहीं हुआ है। इसका आंशिक असर परिवहन सेवा पर भी पड़ा है। लंबी दूरी की कई बसें तड़के उच्च एवं दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के लिए रवाना होती हैं। इन्हें भूस्खलन के चलते उजाला होने तक रोका गया। सुबह पांच बजे से वाहनों का संचालन शुरू कराया गया। पुलिस प्रशासन ने खतरे की आशंका को देखते हुए रात को नौ बजे के बाद सुबह पांच बजे तक पौड़ी हाईवे पर यातायात को प्रतिबंधित कर दिया है।
वहीं, सिद्धबली मंदिर के नजदीक पहाड़ से लगातार दूसरे दिन मंगलवार को भी मलबा आया। गनीमत रही कि कोई हादसा नहीं हुआ। इस घटना के बाद अब दिन के उजाले में भी वाहनों को पूरी सावधानी के साथ गुजारा जा रहा है। विभिन्न जगहों पर बनीं पुलिस चेकपोस्ट व चौकियों पर मार्ग से गुजर रहे लोगों को आगाह किया जा रहा है।
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कोटद्वार-पौड़ी हाईवे पर कई जगह डेंजर जोन बनने और पिछली घटनाओं को देखते हुए रात नौ से सुबह पांच बजे तक यातायात रोका जा रहा। दिन में भी पूरी सावधानी के साथ यातायात गुजारा जा रहा है। 112 पुलिस और इंटरसेप्टर मोबाइल वैन मार्ग पर निरंतर सक्रिय है।
-संदीप ताेमर, यातायात निरीक्षक कोटद्वार