8.10 किमी सड़क पर हाल में किए गए 1.28 करोड़ खर्च
कोटद्वार। डिग्री कॉलेज-कण्वाश्रम मार्ग (पुराना हरिद्वार रोड) का डामरीकरण होने के महज दो माह बाद ही सड़क की हालत फिर खराब हो गई है। कई स्थानों पर डामर उखड़ने से गहरे गड्ढे हो गए हैं। इससे स्थानीय लोगों के साथ ही डिग्री कॉलेज के छात्र-छात्राओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
लोनिवि दुगड्डा ने जून में करीब 1.28 करोड़ की लागत से 8.10 किमी मार्ग का डामरीकरण कराया था। इससे पहले जनवरी में आयोजित बर्ड फेस्टिवल के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मार्ग के डामरीकरण कार्य का शिलान्यास किया था। बरसात शुरू होने के बाद कई जगह डामर उखड़ गया और सड़क फिर बदहाल हो गई। शिवपुर निवासी सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश जुयाल ने सड़क की स्थिति पर नाराजगी जताते हुए मार्ग का दोबारा डामरीकरण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि कम समय में ही सड़क के क्षतिग्रस्त होने से सरकारी धन के उपयोग पर सवाल उठ रहे हैं।
सड़क वर्ष 2017 में पीएमजीएसवाई सिंचाई खंड कोटद्वार ने डिग्री कॉलेज कण्वाश्रम मार्ग का डामरीकरण कराया था। इसके बाद ध्रुवपुर में सुखरो नदी पर करीब 4.60 करोड़ की लागत से 90 मीटर स्पान पुल और सत्तीचौड़ में ग्वालगढ़ गदेरे पर करीब 1.77 लाख की लागत से 30 मीटर डबल लेन स्पान पुल का निर्माण कराया।
मार्ग बनने से शिवपुर, लालपुर, ध्रुवपुर, सत्तीचौड़, मवाकोट, कोठला और भाबर के कलालघाटी क्षेत्र के लोगों को आवाजाही में सुविधा मिली। पांच वर्ष के अनुरक्षण कार्य के बाद शासन के निर्देश पर सड़क लोनिवि को हस्तांतरित कर दी गई। लोनिवि के प्रस्ताव पर शासन ने मार्ग के डामरीकरण के लिए 1.28 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की थी।
ठेकेदार को मार्ग दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। अभी बरसात चल रही है। ठेकेदार 20 सितंबर से मार्ग के सुधारीकरण का कार्य शुरू कर देगा।
-निर्भय सिंह, ईई, लोनिवि दुगड्डा