सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) ने रविवार को जिला पंचायत सभागार में हुए सेमिनार में केंद्र और राज्य सरकारों पर श्रमिक विरोधी नीतियों पर कार्य करने का आरोप लगाया। सेमिनार में दो सितंबर को निर्धारित प्रदेशव्यापी बंद को लेकर चर्चा की गई।
मुख्य वक्ता कामरेड राजेंद्र नेगी ने कहा कि देशभर में श्रम कानूनों का उल्लंघन हो रहा है। श्रमिकों का रोजगार बचाना आज के वक्त में मुश्किल हो गया है। डाक, रेल, बीएसएनएल, आंगनबाड़ी, भोजन माता, आशा व बिजली कर्मी इत्यादि विभागों के कर्मचारी हड़ताल पर कभी भी जा सकते हैं।
कर्मचारियों में सातवें वेतन को लेकर भी गहरा असंतोष है। उन्होंने कहा कि एफडीआई के फेर में देश गुलामी के शिकंजे में फंसता जा रहा है। दुर्घटना की स्थिति में हत्या का मुकदमा दर्ज करने का कानून बनाए जाने से वाहन चालकों में आक्रोश है।
सेमिनार में बाल संरक्षण समिति के अशोक बौडाई व सौरभ थपलियाल आदि थे। इसकी अध्यक्षता वरिष्ठ मार्क्सवादी नेता कामरेड ओंकार बहुगुणा व सुरेंद्र रावत ने की। संचालन सीटू के जिला सचिव देवानंद नौटियाल ने किया।