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बस काटकर निकाले दो शव

Sun, 17 Apr 2016 08:51 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, धुमाकोट।
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दुर्घटनाग्रस्त बस - फोटो : AmarUjala
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धुमाकोट बस हादसे ने आपदा प्रबंधन की भी पोल खोलकर रख दी है। बस के नीचे दबे जीवित लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और बस में फंसे मृतकों के शवों को निकालने के लिए पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। घटनास्थल पर शनिवार देर रात दो बजे तक सर्च अभियान चला। दो मृतकों सिलगांव निवासी करन पुत्र जयपाल सिंह और कोटलीगांव निवासी मोहन पुत्र नैनसिंह के शव बस को काटकर बाहर निकाले गए। बस काटने के लिए एक कटर तक रामनगर से मंगवाना पड़ा।
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बता दें कि धुमाकोट तहसील मुख्यालय के पास शनिवार दोपहर यात्रियों से भरी बस के खाई में गिरने से पांच लोगों की मौत हो गई थी और 35 लोग घायल हो गए थे। रविवार सुबह सीएचसी नैनीडांडा में ही सभी मृतकों का पोस्टमार्टम कराकर शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए। क्षेत्र के लोगों ने आपदा प्रबंधन और अस्पतालों की दुर्दशा पर गहरा रोष प्रकट किया है। पूर्व दर्जा राज्यमंत्री धीरेंद्र प्रताप ने रामनगर संयुक्त चिकित्सालय पहुंचकर वहां भर्ती घायलों का हाल जाना।  

बस हादसे पर क्षेत्रीय सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी, स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी, विधायक दिलीप सिंह रावत,  ब्लॉक प्रमुख रश्मि पटवाल, विधायक दिलीप रावत, पूर्व दर्जा राज्यमंत्री धीरेंद्र प्रताप, युवा बेरोजगार संगठन के मनीष सुंद्रियाल, नैनीडांडा युवा विकास मंच के अध्यक्ष पृथ्वीवाल, सामाजिक कार्यकर्ता बीरेंद्र पटवाल, जंगबहादुर नेगी, दीनदयाल कंडारी, ललित पटवाल, राजेंद्र गुसाईं, दीपक रावत आदि ने शोक प्रकट किया है।
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