अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) भवदीप रावते की अदालत ने वर्ष 2010 में गोवंश तस्करी के मामले में दो आरोपियों को दोषी पाते हुए उन्हें चार-चार साल के कारावास और दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। कोर्ट ने उन्हें पौड़ी जेल भेजने के आदेश दिए हैं।
सहायक अभियोजन अधिकारी (एपीओ) अजीत कुमार मिश्रा ने बताया कि कोतवाली पुलिस ने वर्ष 2010 में कौड़िया चेक पोस्ट पर दो लोगों नौशाद अहमद निवासी ग्राम सोबतपुर थाना नांगल जिला बिजनौर और नरेंद्र सिंह निवासी ग्राम सिकंदरपुर थाना कोतवाली देहात जिला बिजनौर यूपी को गोवंश तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से दो गोवंश बरामद हुए थे, जिन्हें वे उत्तराखंड से यूपी के बिजनौर जिले में तस्करी के जरिए गोवध के लिए ले जा रहे थे। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कई गवाह पेश किए गए।
एपीओ अजीत मिश्रा ने बताया कि दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों को उत्तराखंड गोवंश संरक्षण अधिनियम-2007 की धारा 3/11 का दोषी करार दिया।