फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खुद पढ़ाने के बजाय प्रधानाध्यापिका ने ठेके पर रखी शिक्षिका

सार

इस पर बीईओ ने मामले में अग्रिम आदेशों तक प्रधानाध्यापिका का वेतन रोकने के निर्देश जारी कर दिए हैं। खंड शिक्षा अधिकारी दुगड्डा अयाजुद्दीन ने बताया कि शुक्रवार को राजकीय प्राथमिक विद्यालय पनियाली तल्ली (काशीरामपुर) का औचक निरीक्षण किया तो पता चला प्रधानाध्यापिका कुसुमा राणा ने विद्यालय में अपनी जगह पर बच्चों को पढ़ाने लिए एक अन्य महिला को रखा गया है। मामले की रिपोर्ट मुख्य शिक्षा अधिकारी पौड़ी को भेजी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

थलीसैण ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बग्वाड़ी में प्रभारी प्रधानाध्यापिका की ओर से ठेके पर शिक्षिका रखने के मामले के बाद एक ऐसा ही मामला कोटद्वार में सामने आया है। यहां भी राजकीय प्राथमिक विद्यालय पनियाली तल्ली (काशीरामपुर) में प्रधानाध्यापिका ने विद्यालय में शिक्षण कार्य के लिए एक शिक्षिका रखी है जिसे ढाई हजार रुपये मासिक दिया जाता है। बीईओ दुगड्डा अयाजुद्दीन के औचक निरीक्षण में इसका खुलासा हुआ। इस पर बीईओ ने मामले में अग्रिम आदेशों तक प्रधानाध्यापिका का वेतन रोकने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
विज्ञापन

खंड शिक्षा अधिकारी दुगड्डा अयाजुद्दीन ने बताया कि शुक्रवार को राजकीय प्राथमिक विद्यालय पनियाली तल्ली (काशीरामपुर) का औचक निरीक्षण किया तो पता चला प्रधानाध्यापिका कुसुमा राणा ने विद्यालय में अपनी जगह पर बच्चों को पढ़ाने लिए एक अन्य महिला को रखा गया है। यहां गीता रावत निवासी काशीरामपुर तल्ला बच्चों को पढ़ाती मिली। जांच में यह बात भी सामने आई कि वह तीन दिसंबर, 2021 से विद्यालय में बच्चों को पढ़ा रही है और उसे प्रधानाध्यापिका की ओर से ढाई हजार रुपये मासिक पारिश्रमिक का भुगतान किया जा रहा था। इस पर उन्होंने अभी अग्रिम आदेशों तक प्रधानाध्यापिका का वेतन रोकने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही विभागीय उच्चाधिकारियों को इस संबंध में सूचना दे दी है। मामले की रिपोर्ट मुख्य शिक्षा अधिकारी पौड़ी को भेजी है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कोट
दिसंबर, 2021 में विद्यालय अकेले संचालित कर रही थी। विद्यालय में 44 छात्र-छात्राएं हैं। विद्यालय प्रबंधन समिति की संस्तुति पर सहायता के लिए एक महिला को सहयोग के लिए रखा गया था। वह खुद लगातार विद्यालय में उपस्थिति रहती हैं। ऐसे में बदले में नियुक्ति की बात निराधार है। शुक्रवार को जब बीईओ निरीक्षण के लिए विद्यालय में आए तो में विद्यालय में मौजूद थीं। उन्हें सारी वस्तु स्थिति बताई लेकिन उन्होंने एसएमसी (विद्यालय प्रबंधन समिति) के प्रस्ताव वाली बात को अनदेखा कर दिया। - कुसुमा राणा, प्रधानाध्यापिका राजकीय प्राथमिक विद्यालय पनियाली तल्ली काशीरामपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें