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Kotdwar News: सड़कों पर सुरक्षा इंतजाम नाकाफी, हादसों का खतरा

Thu, 18 Jun 2026 06:39 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
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संकरे मार्ग, अंधे मोड़, क्षतिग्रस्त क्रश बैरियर और भूस्खलन क्षेत्र बने हैं चुनौती
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यात्रियों और राहगीरों को जोखिम के साथ करनी पड़ रही है आवाजाही
दुगड्डा/कोटद्वार। एनएच समेत पर्वतीय क्षेत्रों की सड़कों पर सुरक्षित यातायात आज भी बड़ी चुनौती बना है। संकरी सड़कें, अंधे मोड़, भूस्खलन और नियमित रखरखाव के अभाव में दुर्घटनाओं का खतरा बना है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मैदानी क्षेत्रों की तुलना में पहाड़ी मार्गों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं जिससे यात्रियों और राहगीरों को हर समय जोखिम उठाना पड़ता है।
कोटद्वार-लैंसडौन मोटर मार्ग का निर्माण वर्ष 1910 में हुआ था। इसके बाद पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क संपर्क तो बढ़ा लेकिन मार्गों का रखरखाव संबंधित विभागों के लिए चुनौती बना हुआ है। पौड़ी नेशनल हाईवे पर कोटद्वार-दुगड्डा और दुगड्डा-गुमखाल के बीच कई स्थानों पर स्थिति संतोषजनक नहीं है। बरसात के दौरान जल निकासी व्यवस्था कमजोर होने से बहते पानी के दबाव में सुरक्षा पुश्ते क्षतिग्रस्त हो जाते हैं जिससे यातायात प्रभावित होता है।
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क्षेत्र के संपर्क मार्गों पर अधिकांश अंधे मोड़ अब भी कायम हैं जहां विपरीत दिशा से आने वाले वाहन समय रहते दिखाई नहीं देते। वहीं, भूस्खलन के कारण कई स्थानों पर सड़क की चौड़ाई कम हो गई है। संकरे मार्गों पर तेज रफ्तार वाहन राहगीरों के लिए खतरा बना है। स्थानीय निवासी कुंदन सिंह, बलवंत सिंह, रोशन सिंह और मनोज सिंह का कहना है कि पर्वतीय सड़कों का निर्माण और रखरखाव निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जाना चाहिए। उन्होंने अंधे और संकरे मोड़ों के वैज्ञानिक सुधार, बेहतर जल निकासी व्यवस्था और सड़क सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की मांग की है।

कोटद्वार-दुगड्डा मार्ग पर आपदा के बाद बने 11 नए डेंजर जोन के ट्रीटमेंट के लिए टेंडर हो चुके हैं और बरसात के बाद कार्य शुरू किया जाएगा। क्षतिग्रस्त क्रश बैरियरों के पुनर्निर्माण के लिए पांच करोड़ रुपये के प्रस्ताव भी स्वीकृति के लिए भेजा गया है।
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- आशीष सैनी, जेई एनएच खंड लोनिवि धुमाकोट।
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फतेहपुर-लैंसडौन-गुमखाल 31 किलोमीटर मार्ग को डेढ़ लेन बनाने के लिए वन भूमि हस्तांतरण का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद मार्ग का चौड़ीकरण कराया जाएगा।
- विवेक कुमार, अधिशासी अभियंता लोनिवि लैंसडौन।
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