दिवंगत सैन्य अधिकारी गौरव जोशी का नाम आरोपियों की सूची में डालने पर कोटद्वार कोतवाली में तैनात दो उपनिरीक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने विवेचना में लापरवाही बरते जाने पर यह कार्रवाई की है। बताया गया है कि मामले की विवेचन कर रहे दोनों उपनिरीक्षकों ने वीडियो फुटेज खंगालकर दस साल पहले दिवंगत हुए सैन्य अधिकारी का नाम भी उन 27 आरोपियों की सूची में डाल दिया, जिन पर पिछले वर्ष कोटद्वार में हुए बवाल और तोड़फोड़ समेत कई आरोप लगे हैं। एसएसपी के निर्देश पर एएसपी सरिता डोबाल ने दिवंगत सैन्य अधिकारी गौरव जोशी के परिजनों से भेंटकर पौड़ी पुलिस की ओर से खेद जताया।
बता दें कि पिछले वर्ष 29 सितंबर माह में हुई घटना में पुलिस की ओर से सात लोगों को नामजद करते हुए डेढ़ सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ शहर में तोड़फोड़, बवाल, उन्माद फैलाने समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामले की जांच उपनिरीक्षक आनंद मेहरा को सौंपी गई थी। आनंद मेहरा के कुंभ ड्यूटी में चले जाने के बाद इसकी विवेचना उपनिरीक्षक विकास भारद्वाज को सौंपी गई। विवेचना अधिकारियों ने वीडियो फुटेज खंगालने के बाद 27 लोगों की पहचान करते हुए उनके खिलाफ विगत 10 मार्च को चार्जशीट न्यायालय में पेश की थी। आरोपियों की इस सूची में ग्रास्टनगंज निवासी नरेश चंद्र जोशी और लता जोशी के दिवंगत सैन्य अधिकारी पुत्र गौरव जोशी का नाम भी विवेचना अधिकारियों ने शामिल कर लिया। इस बात का पता तब चला जब कोर्ट की ओर से भेजा गया समन उन्हें मिला। परिजनों के इस मामले में आपत्ति जताते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती ने दोनों विवेचना अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए पौड़ी जिला मुख्यालय अटैच करने के आदेश दिए हैं।