कोटद्वार। कोटद्वार नगर निगम के चुनाव के लिए बृहस्पतिवार को सभी 108 पोलिंग बूथों पर मतदान निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से निपट गया। इसी के साथ मेयर पद के छह और 40 वार्डों के लिए 168 प्रत्याशियों का भाग्य मतपेटियों में बंद हो गया। मतदान समाप्त होने के साथ ही अब जीत-हार के कयास लगने शुरू हो गए हैं। मेयर पद के प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने हर बूथ से फीडबैक लेना शुरू कर दिया है। देर शाम को मेयर और वार्ड पद के प्रत्याशियों के चुनाव दफ्तर और आवास पर उनके समर्थकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है। छह बजे तक 56.74 प्रतिशत मतदान हुआ है, जिसके रात तक 60 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान हैं। वर्ष 2018 में हुए पहले नगर निगम चुनाव में 65.43 फीसदी मतदान हुआ था।
कोटद्वार नगर निगम का क्षेत्र कमोवेश पूरी विधानसभा क्षेत्र का है। कालागढ़ के करीब चार हजार वोटरों को छोड़ दिया जाय तो शेष कोटद्वार नगर निगम का पूरा क्षेत्र कोटद्वार विधानसभा का हिस्सा है। यहां के मेयर का प्रभाव कोटद्वार के विधायक से कम नहीं है। यही वजह रही कि चुनाव के लिए मेयर पद पर कांग्रेस, भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशियों ने अपनी पूरी ताकत झोंकी। बृहस्पतिवार को भाजपा प्रत्याशी शैलेंद्र सिंह रावत, कांग्रेस प्रत्याशी रंजना रावत, यूकेडी प्रत्याशी महेंद्र सिंह रावत, बसपा प्रत्याशी महेश नेगी, निर्दलीय प्रत्याशी महेंद्रपाल सिंह रावत पूरे दिन बूथों पर घूमकर मतदान का जायजा लेते रहे। डबल बैलेट पेपर होने के कारण धीमी गति से चले मतदान के कारण कई बूथों पर देर शाम तक वोटिंग चलती रही।